पडरौना। जिले में एसआईआर प्रक्रिया के तहत खुद को वैध मतदाता साबित करने के लिए लोग सक्रिय सक्रिय हैं। चुनाव आयोग की ओर से भेजे गए नोटिस में पहचान संबंधी दस्तावेज जमा करने के लिए समय दिया गया है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही की वजह से लोगों को नोटिस का जवाब देने के लिए जरूरी कागजात जुटाने में पसीने छूट रहे हैं।
हालत यह है कि लोगों को परिवार रजिस्टर की नकल और जन्म प्रमाण पत्र समेत अन्य जरूरी कागजात जुटाने के लिए ब्लॉक मुख्यालय से लेकर अन्य संबंधित कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। अधिकारी और कर्मचारियों की इस लापरवाही के चलते मतदाताओं की परेशानी बढ़ गई है। खासकर महिला मतदाता सबसे ज्यादा परेशान हैं।
जिले की सातों विधानसभाओं में बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। इन नोटिसों के साथ 13 विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से मतदाताओं को स्वयं के और अपने माता-पिता के जन्म प्रमाण आदि दस्तावेज संलग्न कर अपने को वैध मतदाता साबित करना है। इस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा मुश्किल महिला मतदाताओं को आ रही है। खासकर बाहरी राज्यों से शादी होकर आने वाली महिलाओं को। इन्हें प्रपत्र जुटाने के लिए मायके से दस्तावेज मंगाने पड़ रहे हैं।
जानकीनगर संवाद के अनुसार एसआईआर के ड्राफ्ट लिस्ट आने के बाद क्षेत्र में मतदाताओ की सूचना मैप नहीं होने के कारण नोटिस आना शुरू हो गया है। इसका जबाब देने के लिए कागजात जुटाने में मतदाताओं की परेशानी बढ़ गई है। लोग परिवार रजिस्टर व जन्म प्रमाण पत्र के लिए ब्लाॅक कार्यालय और निवास प्रमाण पत्र के लिए तहसील का चक्कर काट रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत महिला मतदाताओं को हो रही है। उनका जन्म प्रमाण पत्र उनके मायके से जारी होना हैं, जो मिल पाना बहुत कठिन साबित हो रहा हैं।
साड़ी खुर्द निवासी मतदाता रियाजुलहक ने बताया कि 2003 के एसआईआर में भी उनका नाम है। इसके बावजूद उन्हें नोटिस मिला है। तहसील से जारी निवास तो नहीं, लेकिन परिवार रजिस्टर का नकल, बैंक पास बुक, राशन कार्ड, आधार कार्ड नोटिस मिलने के बाद कसया तहसील में जमा कर के आया हूं, लेकिन मुझे यह नहीं बताया गया है कि जमा किए दास्तावेज से हो जायेगा या नहीं। इसी गांव के मुस्तकीम ने बताया कि उनके भाई की पत्नी के नाम से भी नोटिस आया है, वह फार्म जमा कर बाहर कमाने चले गए थे। नोटिस मिलने की जानकारी होने पर वे पुन: वहां से घर से आ रहे हैं।
धरनी छापर निवासी बेईली देवी ने कहा कि परिवार रजिस्टर का नकल, आधार कार्ड सहित अन्य कागजात निकलवा कर जमा हुआ है, लेकिन जन्म प्रमाण पत्र कहां से लाऊ। उन्होंने बताया कि शादी हुए वर्षो हो गए और मायके से जन्म प्रमाण पत्र मिल पाना अब मुश्किल है। रामकोला संवाद के अनुसार ब्लॉक परिसर में भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण में मतदाता सत्यापन कैंप का आयोजन किया गया है। इसमें मतदाताओं के नाम से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। लेकिन मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए मतदाताओं को भेजी गई, नोटिस के आधार पर उनके मामलों का निस्तारण किया जा रहा है।