पडरौना। उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग की तरफ से रविवार को दो पालियों में सम्मिलित राज्य/ प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस-2024) की परीक्षा आयोजित की गई। जिले के सात केंद्रों पर कुल 3168 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 1554 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 1614 ने परीक्षा छोड़ दी। अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा में पूछे गए सवाल आईएएस परीक्षा की तरह घुमावदार थे, जिसे हल करने में काफी मुश्किलें हुईं और मंथन करना पड़ा।
शहर के सात केंद्रों पर दो पालियों में महज 1553 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 से 11:30 तक, जबकि दूसरी पाली 2:30 से 4:30 तक रही। इसके लिए अभ्यर्थी 7:00 बजे से ही केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। 8:00 बजे से केंद्रों में प्रवेश दिया गया। इस दौरान महिला और पुरुष स्टाफ की ओर से अभ्यार्थियों की तलाशी ली गई। उनके मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामग्री बाहर ही रखवा दिए गए। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहा। परीक्षार्थियों के मुताबिक दोनों प्रश्न पत्र इस बार काफी कठिन रहे। पहले प्रश्न पत्र में सवालों के लिए मिले चारों विकल्प नए ढंग से दिए गए थे। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के दौरान पहली बार परीक्षार्थियों आइरिश स्कैनिंग (आंख की पुतली की जांच) कर प्रवेश पत्र पर हेलो ग्राम चस्पा कर प्रवेश दिया गया। बुद्ध पीजी कॉलेज में पीसीएस-2024 की परीक्षा देकर बाहर निकलीं अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र की सेटिंग व उनके प्रकार को लेकर प्रतिक्रिया दी गई।
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सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में राजनीति व मौजूदा सरकार की योजनाओं से संबंधित प्रश्न थे। यह तैयारी से कुछ अलग ही था। कुछ प्रश्न उलझाने वाले थे। सी-सैट का प्रश्न पत्र में पूछे गए सवाल कुछ हद तक संतुलित थे।
- काव्या सिंह, गोरखपुर।
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सामान्य अध्ययन के प्रश्न पत्र में अप्रत्याशित प्रश्न पूछे गए थे। तथ्यपरक प्रश्नों की बहुलता थी। देश की सरकार व राज व्यवस्था के प्रश्न घुमावदार थे। कुछ समय तक सवालों ने उलझाए रखा। वहीं सी-सैट के प्रश्न अच्छे थे।
- गुड़िया यादव, गोरखपुर।
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सामान्य अध्ययन के प्रश्न पत्र में पूछे गए सवाल तथ्यात्मक होने के साथ काफी उलझाऊ थे। प्रश्नों को सीधे नहीं, दूसरे जटिल तरीके से पूछा गया था। सी-सैट में सामान्य अध्ययन के अपेक्षा संतुलन का ध्यान रखा गया था।
कंचन, देवरिया ।
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सामान्य अध्ययन से जुड़े तो सरल थे, लेकिन तथ्यपरक से जुड़े सवाल करने में दिमाग चकरा गया। सभी प्रश्न इतने घुमावदार थे कि उन्हें समझने में समय लग गया। इसके बाद सवालों को हल करना शुरू किया।
- बबिता, देवरिया।
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पिछले साल की तुलना में इस साल का पेपर काफी बड़ा था। इस बार कंप्यूटर के भी कई प्रश्न पूछे गए थे। परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार करंट अफेयर्स और सरकारी स्कीम्स से जुड़े कई पुराने सवाल पूछे गए थे।
- कामिनी, देवरिया
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दिव्यांग भी पहुंची परीक्षा देने
जिले के हाटा की रहने वाली शीला सोनकर दिव्यांग हैं, लेकिन अफसर बनने का उनमें जज्बा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन आगे व्यक्तिगत समस्या के चलते सफलता नहीं मिल पाई थी।
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बंगलौर से पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा देने पहुंची दिव्यांग आकांक्षा मिश्रा ने बताया कि उन्होंने इसके पूर्व परीक्षा दी थी। प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर मुख्य परीक्षा में सम्मिलित हुईं थीं। लेकिन सफलता नहीं मिली। उम्मीद है परीक्षा उत्तीर्ण कर लूंगी।