मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज करते चिकित्सक। संवाद
-सर्दी के दस्तक देने के बाद ऐसे मरीजों की बढ़ी संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। ठंड की वजह से आर्थराइटिस (गठिया) संग सर्वाइकल के मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में घुटना, कमर दर्द व हड्डी रोग से पीड़ित बुजुर्ग मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मेडिकल कॉलेज में लगा फीजियोथेरेपी की मशीन खराब होने से लोगों को लौटना पड़ रहा है। इसके लिए प्राचार्य ने सीएमओ से मशीनों को ठीक कराने के लिए चिट्ठी लिखे हैं।
मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। पहले औसतन 150 मरीजों की ओपीडी होती थी, जो अब 300 पार हो गई है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएच खा ने बताया कि आर्थराइटिस की वजह से सर्दी के मौसम में जोड़ों में सूजन आ जाती है, इसके चलते मरीजों को असहनीय दर्द होता है। इस दर्द का असर सेहत पर भी धीरे-धीरे दिखने लगता है। आर्थराइटिस के कारण जोड़ों में मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगती है और इस वजह से हड्डियां आपस में एक-दूसरे से घिसने या रगड़ने लगती हैं। इसके अलावा सर्दी बढ़ने पर शरीर में सूजन भी होने लगती है। बुजुर्गों के अलावा आजकल युवाओं में भी ये समस्या देखने का मिल रही है। ठंड में नसों के सिकुड़ने से सर्वाइकल के मरीजों की भी दिक्कतें बढ़ जाती है। ऐसे में ठंड के मौसम में इस रोग से पीड़ित मरीजों को परहेज करने की जरूरत है। इसके लिए आवश्यक है कि ऊनी कपड़े पहने और गुनगुने पानी से स्नान करें। सर्दियों में धूप लोगों को हड्डी और जोड़ों के दर्द से बचाएगी। सुबह या दोपहर को बुजुर्ग धूप जरूर लें। वहीं डॉक्टर जिन मरीजों को फीजियोथेरेपी के लिए कह रहे हैं, उन मरीजों को बाहर की सेंटरों पर कराना पड़ रहा है, क्योंकि सीएमओ के अधीन मेडिकल कॉलेज में लगे फीजियोथेरेपी वाले मशीन खराब पड़े हैं। डॉ. श्याम सिंह सूर्यवंशी ने बताया कि पैर, कमर, मांसपेशियों में खिंचाव वाले 50 से अधिक मरीज आ रहे हैं, लेकिन ट्रैक्शन, टेंस, अल्ट्रासाउंड थेरेपी की मशीन नहीं होने से लौटाना पड़ रहा है, जो मशीने से उससे फीजियोथेरेपी होता है। सीएमओ को इसके लिए पत्र लिखा गया है।