पडरौना/खड्डा। खड्डा पुलिस ने एक लग्जरी वाहन से बुधवार की रात शराब की खेप को बरामद किया। कार में सवार दो तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसमें एक महराजगंज जिले का दूसरा पश्चिमी चंपारण जिले का रहने वाला है। सख्ती के बाद शराब तस्करी के खेल के पीछे खड्डा थाने पर तैनात एक सिपाही की भूमिका संदिग्ध मिली है। इसके खिलाफ एसपी ने जांच का आदेश दिया है। कार के अंदर 200 पैकेट 8 पीएम (टेट्रा पैक) व 24 पीस रायल स्टेज व्हिस्की बरामद हुआ। पनियहवा पुल के पास से नाव से महराजगंज शराब की खेप भेजने की तस्करों की योजना थी।
रात को खड्डा पुलिस संदिग्ध वाहनों की जांच बैरियरों पर कर रही थी। इस दौरान एक लग्जरी कार को पुलिस ने रोका, जांच के दौरान कार में सीट के नीचे अंग्रेजी शराब मिली। पुलिस की जांच में पता चला कि तस्करी में जो कार इस्तेमाल की जा रही है, उस पर महराजगंज जिले का नंबर है। गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान पुलिस ने महराजगंज जिले के सिंदुरिया थाना क्षेत्र के मुजहना बुजुर्ग गांव निवासी चंद्रेश गौतम, पश्चिमी चंपारण जिले के पठखौली थाना क्षेत्र के रमेश बिंद के रूप में की है। पुलिस की जांच में कार के अंदर से बरामद शराब 225 लीटर अवैध है। इसके अलावा कार को पुलिस ने सीज कर दिया। पुलिस की जांच में पता चला कि थाने के एक सिपाही की भूमिका शराब तस्करी के खेल में संदिग्ध मिली है। एसपी ने जांच का आदेश दिया है। पुलिस के अनुसार बरामद शराब की कीमत करीब 1.20 लाख रुपये बताई जा रही है। वहीं तस्करी में उपयोग होने वाली कार की कीमत 13 लाख बताई गई है। रात को शराब की खेप पकड़े जाने के बाद मौके से सीओ भी पहुंच गए।
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सरगना पकड़ से दूर
चालक व कैरियर पकड़े गए, जबकि मुख्य सरगना पकड़ से दूर काफी दिनों से महराजगंज, कुशीनगर, बिहार के तस्करों का रैकेट सक्रिय था। सूत्रों के मुताबिक महराजगंज जिले के कोठीभार थाना क्षेत्र के ग्राम सबया से शराब की खेप लोड हुई थी। कोठीभार की पुलिस पिकेट गुरली पुल के पास एक डिग्री काॅलेज के पास है। पुल पार करते ही कुशीनगर के खड्डा थाना क्षेत्र की सीमा पड़ती है यहां भी पुलिस पिकेट है। इसके बाद खड्डा कस्बा के शिवाजी चौक, महाराणा प्रताप चौक, स्टेट बैंक चौक होते हुए हनुमानगंज थाना क्षेत्र में प्रवेश की और थाने के सामने से होते हुए पनियहवा चौक व पिकेट से होकर पुनः खड्डा थाना क्षेत्र में सालिकपुर चौकी क्षेत्र में पनियहवा पुल के पास पहुंची थी। इतनी दूरी में किसी ने न रोका न टोका। बताया जा रहा है कि तस्करी का मुख्य सरगना काफी समय से यह कार्य कर रहा है। तस्करी में पकड़े गए दोनों कैरियर है,जबकि मुख्य सरगना पकड़ से दूर बताया जा रहा है।
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लंबे समय से चल रहा है तस्करी का खेल
सड़क मार्ग पर हो रहे चेकिंग व बिहार पुलिस की सक्रियता के चलते तस्करों ने नदी के रास्ते धंधा शुरू किया है। गंडक नदी में नाव पर लोड कर शराब की खेप बिहार सीमा में बगहा नगर के कैलाश नगर समेत अन्य सुरक्षित स्थानों पर आसानी से लेकर पहुंच जा रहे हैं। यहां से शराब बिहार के तस्कर अपने ठिकाने पर ले जाते हैं और ऊंचे दाम पर बेचकर मुनाफा कमाते हैं। बिहार में संपूर्ण शराब बंदी से यूपी विहार के तस्कर माला माल हो रहे हैं।
किस दुकान की है शराब, जानकारी के बाद नहीं होती कार्रवाई
शराब के पैकेट व गत्ते पर लिखे गए कोड के आधार पर असली दुकानदार तक हाथ क्यों नहीं पहुंच रहे हैं, कानून के जानकारों की मुताबिक सरकारी दुकानों पर जाने वाली शराब पर बाकायदा दुकान समेत अन्य जानकारी अनुज्ञापी का नाम सब का कोड होता है, इससे यह पता चल सकता है कि किस दुकान से शराब दिया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब तस्करी के धंधे से जुड़े दुकानदार पर कार्रवाई हो सकती है, लेकिन ऐसा होता नहीं होता है, जो पकड़ा गया उसी पर कार्रवाई होती है।
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कोट
कार से शराब बरामद हुई है, दो लोगों को गिरफ्तार कर चालान किया गया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। इसमे शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई होगी। बीरेंद्र सिंह, सीओ खड्डा