कप्तानगंज-थावे मार्ग पर ट्रेन नहीं चलने से यात्री परेशान
तमकुहीरोड। अग्निपथ योजना के विरोध में उग्र प्रदर्शन को देखते हुए कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर लगातार तीसरे दिन रविवार को भी किसी ट्रेन का संचालन नहीं हुआ। आंदोलन को लेकर ट्रेनों का संचालन ठप कर दिए जाने से जहां यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वहीं इससे क्षेत्रीय कारोबार भी प्रभावित होने लगा है। ट्रेनों को रद कर दिए जाने से लोगों के सस्ते और सुलभ यात्रा पर ब्रेक लग गया है। लोगों का मानना है कि यदि शीघ्र स्थिति सामान्य नहीं हुई तो यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर चलने वाली ट्रेनें इस क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन से कम नहीं हैं। यूपी से बिहार और बिहार से यूपी नियमित चलने वाली गोमतीनगर-छपरा कचहरी एक्सप्रेस, गोरखपुर-पाटलीपुत्र मेल पैसेंजर ट्रेन, सीवान-गोरखपुर डेमू ट्रेन और छपरा कचहरी-कप्तानगंज पैसेंजर ट्रेन इस क्षेत्र में यात्रियों के साथ व्यापार का भी मुख्य जरिया है। तमकुहीरोड, तरयासुजान, दुदही आदि कस्बों में तीस से चालीस प्रतिशत बिहार से आने वाले ग्राहक होते हैं। केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध इतना उग्र हो गया है कि सीमावर्ती बिहार के थावे, गोपालगंज, सीवान जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन भी पुलिस छावनी के रूप में तब्दील हो गए हैं।
इसी तरह शुक्रवार को तरयासुजान में डेमू ट्रेन के रोके जाने के बाद सासामुसा, जलालपुर, सिपाया, तीनफेडिया, तरयासुजान, तमकुहीरोड, गौरी श्रीराम, दुदही आदि स्टेशनों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। रविवार को देश के अन्य हिस्सों में जारी उग्र प्रदर्शन के चलते कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर लगातार तीसरे दिन भी ट्रेनें नहीं चलीं और रेलवे ट्रैक सूने पड़े रहे। क्षेत्र के यात्रियों का कहना है कि यात्रा के लिए ट्रेन सुलभ साधन है। छात्रों के उग्र प्रदर्शन लेकर इस रूट का रेल यातायात पूरी तरह ठप है। इससे आम यात्रियों को अन्य साधनों से गोपालगंज अथवा गोरखपुर जाने में अधिक किराया देना पड़ रहा है। यदि शीघ्र रेल यातायात बहाल नहीं हुआ तो यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।