तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के निरस्त होने के बाद पसरा सन्नाटा। संवाद
तमकुहीरोड। गोरखपुर में मेगा ब्लाक के चलते कप्तानगंज-थावे मार्ग पर सिवान से गोरखपुर और गोरखपुर से सिवान तक चलने वाली दो ट्रेनों के निरस्त हो जाने से यात्रियों पर किराए का बोझ बढ़ गया है। गोरखपुर तक की यात्रा के लिए जहां रेल किराया 25 रुपये था, वहीं अब यात्रियों को परिवहन निगम की बसों से साढ़े पांच गुना किराया 138 रुपये देकर जाना पड़ रहा है। वहीं सहालग में मेगा ब्लाक से मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्र के यात्रियों का कहना है कि ट्रेन सुरक्षित यात्रा का साधन है लेकिन उसके निरस्त हो जाने से बस की यात्रा अब उनकी जेब पर भारी पड़ने लगी है।
पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं के उन्नयन सहित मूलभूत ढांचे में विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण को लेकर 12 अप्रैल से 3 मई के बीच गोरखपुर से गोरखपुर कैंट तक 3.5 किमी और कुसुम्ही-गोरखपुर कैंट-गोरखपुर के बीच 14 किमी में थर्ड लाइन के विस्तार के साथ नान इंटरलॉक कार्य के लिए मेगा ब्लाक लिया गया है।
इसके चलते गोरखपुर के रास्ते चलने वाली 122 ट्रेनों को जहां निरस्त कर दिया गया हैं, वहीं 28 एक्सप्रेस ट्रेनों का रूट डायवर्जन कर दिया गया है और 35 एक्सप्रेस ट्रेनों का शार्ट टर्मिनेशन किया गया है। इस मेगा ब्लाक का असर अब कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर भी दिखाई पड़ने लगा है और यात्रियों के लिए पाटलीपुत्र और सिवान के साथ गोरखपुर की राह भी मुश्किल हो गई है।
पहले 15079/ 15080 गोरखपुर-पाटलीपुत्र ट्रेन के निरस्त हो जाने के बाद अब सुबह में नियमित गोरखपुर कैंट से सिवान तक और शाम में सिवान से गोरखपुर कैंट तक चलने वाली 55035/55036 पैसेंजर ट्रेन को 6 मई तक के लिए तो दिन में सिवान से गोरखपुर व रात में गोरखपुर से सिवान तक चलने वाली 75105/75106 डेमू पैसेंजर ट्रेन को भी 6 मई तक के लिए निरस्त कर दिया गया है। इससे गोरखपुर जाने वाली दोनों ट्रेनों के बंद हो जाने से यात्रियों पर किराये का बोझ बढ़ गया है।
क्षेत्र राकेश मद्धेशिया, हिमांशु सोनी, आदित्य वर्मा, मनीष रौनियार, मुन्ना जायसवाल आदि का कहना है कि तमकुहीरोड से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री, व्यापारी व मरीज इलाज के लिए जाते है। इनके लिए ट्रेन सबसे सस्ता व सुरक्षित माध्यम था। तमकुहीरोड, दुदही, पडरौना, कप्तानगंज रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसर गया है। एक पैसेंजर ट्रेन देवरिया होते हुए सिवान जाएगी।