फाजिलनगर(कुशीनगर)। नगर पंचायत में सभासदों के मनोनयन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का अंसतोष शुक्रवार को खुलकर सामने आ गया। वरिष्ठता और संगठनात्मक योगदान की अनदेखी का आरोप लगाते हुए नाराज कार्यकर्ताओं ने फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा को काला कपड़ा दिखाकर विरोध जताया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पार्टी के फाजिलनगर के पूर्व मंडल अध्यक्ष कुंवर सुभाष सिंह समेत तीन भाजपा कार्यकर्ताओं को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
घटना शुक्रवार दिन में करीब तीन बजे की है। विधायक कस्बे में आयोजित एक कार्यक्रम से लौटकर अपनी गाड़ी की ओर बढ़ रहे थे। तभी पूर्व मंडल अध्यक्ष कुंवर सुभाष सिंह की अगुवाई में जुटे कार्यकर्ताओं ने अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मनोनयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को दरकिनार कर चहेते लोगों को लाभ पहुंचाया गया, जबकि लंबे समय से सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे अन्याय बताते हुए मनोनयन प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की। हालांकि विरोध के बीच विधायक बिना रुके गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए।
विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी को आपत्ति है तो वह व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी बात रखे, उनकी शिकायतों पर विचार किया जाएगा।
थाना पटहेरवा के प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार राय ने बताया कि पूर्व मंडल अध्यक्ष कुंवर सुभाष सिंह के अलावा राधेश्याम मद्धेशिया व संतोष वर्मा को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई कर जेल भेजा गया है।
-वर्जन
विधायक को काला झंडा दिखाने वाले बीते करीब तीन दिन पहले पार्टी की सदस्यता से त्याग पत्र दे दिए हैं। उनका पार्टी में सम्मान था। विरोधी पार्टी के नेताओं के बहकावे में आकर उन लोगों ने इस तरह का कदम उठाया है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। -दुर्गेश राय, जिलाध्यक्ष, भाजपा।