पडरौना। अलग-अलग स्थानों पर आगलगी में 130 झोपड़ियां और उसमें रखा सामान राख हो गया। जबकि 15 बकरियां और 200 मुर्गियां भी जलकर मर गईं। फायर ब्रिगेड ने गांव वालों की मदद से आग पर काबू पाया। कुछ जगहों पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंचने पर लोगों ने नाराजगी जताई।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के नाहर छपरा गांव के नागू चौहान के टोले पर बृहस्पतिवार की दोपहर घूरे की चिंगारी से लगी आग से अविनाश और रंभा पत्नी नरेश की झोपड़ी जल गई। कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया। चौराखास थाना के नकटहा मिश्र के हतवा टोला में रिहायशी झोपडी व उसमें रखा नकदी, गेहूं, चावल, सिलाई मशीन, कपड़े नष्ट हो गए। बुधवार की रात करीब नौ बजे सिंहासन प्रसाद की झोपड़ी जल गई। लेखपाल धनंजय पांडेय ने क्षति की रिपोर्ट भेज दी।
सेवरही नगर पंचायत के आजाद नगर में ओमप्रकाश शर्मा की फर्नीचर की दुकान है। उनका परिवार बृहस्पतिवार को रिश्तेदारी में गया था। दोपहर करीब 12 बजे दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता व लेखपाल मुकेश कुमार ने आगलगी में हुई क्षति का आंकलन कर अपनी रिपोर्ट भेज दी। शिवशक्ति नगर में कूड़े की ढेर में आग लग गई। सफाई कर्मचारियों ने आग को बुझा दिया। तरयासुजान क्षेत्र के विरवट कोन्हवलिया के बिचका टोला में दोपहर 12 बजे देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना देकर लोग आग बुझाने में जुट गए। फायर ब्रिगेड की गाड़ी समय से नहीं पहुंची तो पंपसेट व हैंडपंप के सहारे आग बुझाई। पूर्व प्रधान की गाय झुलस गई। सहदेव चौहान, जिलिश, ओसियर, हरी, गुदर, मुलुक, राघव, दिलीप, विशुन, केदार, मोहन, लोरिक, सुरेश, भागवत, हरेन्द्र, रामध्यान समेत 115 लोगों की झोपड़ियां और उसमें रखा सामान जल गया। तहसीलदार चंदन शर्मा ने ग्राम सभा की ओर से अग्निपीड़ितों के खाने-पीने व रहने की व्यवस्था कराई। तरयासुजान के एसएचओ आशुतोष सिंह, राजस्व निरीक्षक रामहरख यादव, लेखपाल अभिजीत कुमार, धीरेंद्र राम, रंजीत कुमार आदि की मौजूदगी में लेखपाल ने क्षति का आंकलन किया।
लक्ष्मीगंज-खोटही मार्ग पर देवरिया बाबू गांव के जोलहापट्टी में नंदलाल गुप्ता की दुकान के पास सूखी पत्तियों में आग लग गई। लोगों ने बोरिंग के पानी से आग पर काबू पा लिया। शंभूनाथ जायसवाल, विशुन मौर्य, चंदा मौर्य, जगदीश मौर्य आदि ने बताया कि आग के कारणों का पता नहीं चल सका है।
कसया थाना क्षेत्र के रानी लक्ष्मीबाईपुरम नरकटिया मदनपुर इनरहा में खेत में पड़े गेहूं के डंठल में लगी आग सरेह होते नरकटिया गांव के पास पहुंच गई। लोग अपने घरों से पशुओं समेत अन्य कीमती सामान को घर से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई और किसी तरह आग पर काबू पा लिया। इसी बीच मदनपुर गांव के पश्चिम सरेह में आग पकड़ ली। जब तक फायर ब्रिगेड की टीम वहां तक पहुंचती, तब तक आग इनरहा तक फैल गई। संयोग ही था कि पूरे क्षेत्र में कुछ लोगों को छोड़कर अधिकांश लोगों की गेहूं की फसल कट चुकी थी। इससे विशेष नुकसान होने से बच गया।
कसया थाना क्षेत्र के ग्राम धुरिया टोला मोतीपुर में पोखरे के पास खेतों में अज्ञात कारणों से आग लग गई। पछुआ हवा के तेज होने के नाते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग बगल में नथुनी प्रसाद गोंड के पशु शेड व मुर्गी फार्म को जलाकर राख कर दिया। इसकी जानकारी होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आये। ग्राम प्रधान विजय बहादुर राय, मनोज गोंड व गांव के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लोगों के अनुसार आग से भूसा, 15 बकरियां व 200 मुर्गियां जलकर मर गईं। लाखों का नुकसान आगलगी में हुआ है। सूचना देने के बाद भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस संबंध में लेखपाल अंगध्वज पासवान ने बताया कि आग से हुई क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी जा रही है।
कप्तानगंज तहसील क्षेत्र के बोदरवार बाजार समेत आधा दर्जन गांवों में लगी आग के कारण सरकारी अमला असहाय नजर आया। गुरुवार की दोपहर कुंदुर खदरा में गेहूं के डंठल में अज्ञात कारणों से लगी आग देखते ही देखते गंगराई भलुही होते हुए थोड़ी ही देर में बोदरवार कुईचवर के अलावा असना गांव तक पहुंच गई। बोदरवार स्थित मुख्य मार्ग पर रामानंद गुप्ता व राजू गुप्ता की कबाड़ की दुकान में रखा प्लास्टिक, टॉयर व गत्ता में आग पकड़ लिया। आग की लपटें इतनी तेज थी कि कई घंटे तक कप्तानगंज-गोरखपुर मुख्य मार्ग बंद रहा। कुछ देर तक ट्रेनों का संचलन भी बंद करना पड़ा। बोदरवार के दुकानदार, गांव के लोग व बोदरवार पुलिस चौकी प्रभारी ने फायर ब्रिगेड कर्मियों की मदद से बोदरवार स्थित मुख्यमार्ग पर कबाड़ की दुकान में लगी आग पर काफी मशक्कत के बाद काबू पाया। जबकि कुंदर, गंगराई, भलुहीं, बोदरवार, कुईचंवर, असना आदि आधा दर्जन गांवों में कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया। कबाड़ के दोनों दुकानदारों की लाखों की क्षति हुई है। लेखपाल विचित्र मणि त्रिपाठी, मारकण्डेय गुप्ता व मदन मोहन भारती ने मौके पर पहुंच क्षति का आंकलन किया।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गांव भूड़ाडीह के चिउरापाली नहर के किनारे गांव के बच्चे क्रिकेट खेलने के लिए गेहूं कटाई कर खाली खेत में पिच बनाने के लिए गेहूं का डंठल जला रहे थे। उस समय पछुआ हवा तेज होने के कारण भूड़ाडीह निवासी कोमल सिंह की फूस की झोपड़ी और उसमें रखा भूसा, रामजस का भूसा आदि जल गया। तेज पछुआ हवा से निकली चिंगारी बगल के गांव विशुनपुरा पहुंच गई, जहां एक कॉलेज का बैनर व होर्डिंग जलने लगा। यहां से आग नगर पंचायत मथौली के महाराणा प्रताप नगर स्थित मां सिंहासनी देवी स्थान के बगीचे तक फैल गई। आग की लपटें इतनी तेज थी कि डंठल जलाते हुए आग क्षेत्र के पड़ी मदरहा, गौनरिया के सिवान तक फैल गई। इससे गांव के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। लोग अपने सामानों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने लगे। कड़ी मशक्कत के बाद गांव वालों ने आग पर काबू पा लिया। वहीं, ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर जलते डंठल को बुझाया गया। सूचना के घंटों बाद भी गांव में फायर ब्रिगेड की टीम नहीं पहुंच सकी।
बरवापट्टी थाना क्षेत्र के ग्रामसभा अमवाखास के टोला पिपरही में बृहस्पतिवार की दोपहर दो बजे अज्ञात कारणों से लगी आग से इंद्रावती देवी पत्नी रविन्द्र की दो झोपड़ियां और उसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। सूचना मिलते ही बरवापट्टी एसओ राजेश कुमार मौके पर पहुंच गए और गांव वालों की मदद से आग को बुझाने लगे। काफी समय बाद आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की अन्य झोपड़ियां आग की चपेट में आने से बच गई। सूचना पर पहुंचे लेखपाल विकास कुशवाहा ने क्षति का आंकलन किया।
कसया थाना क्षेत्र के बहोरापुर व साखोपार के सरेह में लगी आग जिगना गांव तक पहुंच गई। गांव के संजय कुशवाहा, आकाश कुशवाहा, बलिराम कुशवाहा, मुन्ना के घरों में रखा सामान जल गया। रामआधार कुशवाहा का ट्रैक्टर, रोटावेटर आदि नष्ट हो गया। दर्जनों किसानों की गन्ने की फसल भी जल गई। बतरडेरा व जिगना गांव के लोग अपने घर का सामान निकालकर खेतों में रखने लगे। कुछ लोगों ने पंपिंग सेट चलाकर आग पर काबू पाया।
अहिरौली बाजार थाना के खोट्ठा के टोला बड़हरिया में पवन गौड़ की झोपड़ी जल गई। इसी गांव के टोला सोहनपुर के रामप्रीत गोंड की एक बीघा गेहूं की फसल जल गई। हाटा तहसीलदार नरेंद्र राम राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।