तमकुहीरोड। कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पर मेगा ब्लाॅक के चलते 21 दिन से निरस्त गोरखपुर कैंट-सिवान पैसेंजर ट्रेन और 14 दिन से निरस्त सिवान-गोरखपुर डेमू ट्रेन का संचालन बुधवार से शुरू हो गया है। इस रेल मार्ग पर निरस्त सभी चार ट्रेनों का संचालन शुरू होने से अब रेल यातायात पटरी पर लौट आया है। इससे गोरखपुर-सिवान के यात्रियों ने राहत की सांस ली है। बुधवार को गोरखपुर कैंट से सिवान जाने वाली ट्रेन 8:35 बजे और सिवान से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन 9:58 बजे तमकुहीरोड पर पहुंची स्टेशन पर यात्रियों की विशेष चहल पहल दिखाई दिया।
पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से बीते 12 अप्रैल से तीन मई के बीच गोरखपुर से गोरखपुर कैंट तक 3.5 किलोमीटर और कुसुम्भी-गोरखपुर कैंट-गोरखपुर के बीच 14 किलोमीटर में थर्ड लाइन के विस्तार के साथ नान इंटरलॉक कार्य के लिए मेगा ब्लाॅक लिया गया था। इसके चलते कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर नियमित सुबह में गोरखपुर से पाटलिपुत्र और रात में पाटलिपुत्र से गोरखपुर तक चलने वाली गोरखपुर-पाटलीपुत्र ट्रेन को 14 अप्रैल से तीन मई तक के लिए, दूसरी ट्रेन सुबह में नियमित गोरखपुर कैंट से सिवान तक और शाम में सिवान से गोरखपुर कैंट तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को 17 अप्रैल से छह मई तक के लिए सिवान-गोरखपुर तक चलने वाली डेमू पैसेंजर ट्रेन को 23 अप्रैल से छह मई तक के लिए निरस्त कर दिया गया था। रोजाना गोमतीनगर से छपरा तक चलने वाली गोमतीनगर-छपरा एक्सप्रेस को भी 26 अप्रैल से तीन मई तक के लिए मार्ग बदल दिया गया था। इससे यात्रियों के लिए बिहार की यात्रा प्रभावित हो गई थी। रेलवे की तरफ से निर्धारित समय समाप्त होने के बाद गोमतीनगर एक्सप्रेस के साथ पाटलीपुत्र मेल ट्रेन का परिचालन बीते चार मई से शुरू कर दिया गया है। अब बुधवार से निरस्त चल रही गोरखपुर कैंट-सिवान और सिवान-गोरखपुर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो गया है। इस ट्रेनों का संचालन शुरू होने से लखनऊ और पटना के साथ सिवान व गोरखपुर जाने की राह भी आसान होने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली है। गोरखपुर से सिवान जाने वाली ट्रेन बुधवार की सुबह 8:35 बजे और सिवान से गोरखपुर जाने वाली डेमू ट्रेन 9:58 बजे तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पहुंची, तो यात्री काफी खुश नजर आए। स्टेशन पर भी चहल पहल बढ़ गई। क्षेत्र के प्रहलाद केशरी, राहुल सोनी, अभिषेक शुक्ल, आदित्य वर्मा, दिवाकर दत्त आदि का कहना था कि सिवान व गोरखपुर दोनों इस क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। ट्रेनों के बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही थी। चार से पांच गुना अधिक किराया देकर लोग अन्य साधनों से यात्रा कर रहे थे। अब इस रेल मार्ग पर निरस्त सभी ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। इससे रेल यात्रियों के साथ स्थानीय व्यापारियों को आवागमन में सहूलियत होगी।