जंगली भैंसे के हमले से एक व्यक्ति की मौत
बिहार सीमावर्ती इलाके में कई दिनों से बढ़ी है जंगली पशुओं की चहलकदमी
खड्डा(कुशीनगर)। यूपी-बिहार सीमावर्ती क्षेत्रों के जंगल से रिहायशी इलाके में बाघ, गैंडा, तेंदुआ, हिरण के अलावा जंगली भैंसा की चहल कदमी बढ़ गई है। रविवार को गन्ना की सिंचाई कर रहे एक किसान को एक जंगली भैंसे ने मार डाला। खड्डा कस्बे के पास एक हिरण देखा गया है।
खड्डा थाना से सटे बिहार के लौकरिया थानाक्षेत्र के लौकरिया गांव निवासी खूबलाल महतो (50) रविवार दोपहर गांव के सरेह में गन्ने की सिंचाई कर रहे थे। तभी वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से जंगली भैंसों का झुंड निकलकर हमला बोल दिया। इसके चलते उनकी मौके पर मृत्यु हो गई। आक्रोशित लोगों ने बगहा, हरनाटांड़ मार्ग जाम कर दिया।
मान-मनौवल व मुआवजा के ऐलान के बाद जाम समाप्त हुआ। कुछ दिनों पहले पिपरासी थानाक्षेत्र में भ्रमण कर रहे बाघ का पदचिह्न मिलने से लोग भयभीत हैं। हालांकि वन विभाग स्थानीय पुलिस, एसएसबी जवानों को जंगल में ले जाने के प्रयास में जुटी हुई है। रेंजर रमेश श्रीवास्तव ने बताया की जंगल से निकले जंगली भैंसा के हमले से किसान की मौत हुई है। मान्य मुआवजा दिया जाएगा। जंगल से निकलने वाले जानवरों को वापस जंगल में ले जाने का प्रयास चल रहा है।
कस्बा के काली मंदिर के पास दिखा हिरन
खड्डा। रविवार को क्षेत्र के तुर्कहां काली मंदिर से सटे गन्ना के खेत में एक हिरण दिखा। उसकी वन विभाग निगरानी कर रही है। तीन दिन पहले भी खड्डा क्षेत्र में दो (हिरण) दिखाई दिए थे। इसमें एक घायल था। उसे रेस्क्यू कर इलाज कराकर जंगल में छोड़ दिया गया। खड्डा रेंजर वीके यादव ने बताया कि दो दिन पहले क्षेत्र के पड़री मेहदिया सरेह में एक हिरण जंगल से भटक कर आ गया था। वह घायल था, इसका रेस्क्यू कर ,इलाज के बाद जंगल में छोड़ दिया गया। जबकि दूसरा हिरण तुर्कहा मोन (नाला) के पास दिखाई दिया था। वह जंगल की ओर लौट गया। रविवार शाम एक हिरण तुर्कहा गांव के काली मंदिर के पास गन्ना के खेत में बैठा होने की जानकारी प्राप्त हुई है। उस खेत में सिंचाई के बाद जमा हुए पानी में बैठा था। उसपर निगरानी रखी जा रही है।