पडरौना। कोतवाली क्षेत्र के खड्डा रोड पर संचालित एक निजी विद्यालय में खेलने के दौरान करंट से झुलसी छात्रा का एक हाथ काम नहीं कर रहा है। उसका इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहीं दूसरे दिन स्कूल बंद रहा। इस घटना से आसपास के लोगों में नाराजगी है। वहीं छात्रा की सेहत में सुधार बताया जा रहा है। गांव वालों ने बताया कि एक साल पहले स्कूल से सटकर नई लाइन बनाई गई है।
खड्डा रोड पर गायत्री विद्यापीठ विद्यालय में बंधूछपरा गांव निवासी मुन्ना की 12 वर्षीय बेटी शालू गायत्री विद्यापीठ विद्यालय में कक्षा तीन में पढ़ती है। सोमवार को दोपहर में लंच के दौरान छात्रा शालू छत पर खेलने के दौरान डंडे से खेल-खेल में तार से मारने लगी। इस दौरान करंट की चपेट में आ गई। शोर मचाने पर शिक्षक और प्रधानाचार्य रामप्यारे सिंह पहुंचकर अचेत पड़ी छात्रा को मेडिकल कॉलेज ले गए, प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया।
मंगलवार को दूसरे दिन छात्रा के स्वास्थ्य में सुधार हुआ, लेकिन उसका एक हाथ काम नहीं कर रहा है। इस घटना के चलते मंगलवार को स्कूल बंद रहा। वहीं गांव के लोगों का कहना है कि करीब एक साल पहले यह नई लाइन खींची गई है। नई लाइन खींचने के दौरान लोगों ने विरोध किया था, लेकिन बिजली कार तार और पाल नहीं हटाया गया।
प्रधानाचार्य रामप्यारे सिंह ने बताया कि हम लोग छात्रा के साथ हैं। बिजली का तार हटवाने के लिए एक्सईएन और जेई से पूर्व में कई बार शिकायत किया, लेकिन तार हटा नहीं। एसई कुशीनगर राकेश मोहन का कहना है कि छात्रा के झुलसने की जानकारी हुई है। एक्सईएन को जांच के लिए निर्देश दिया गया है। अगर स्कूल से सटकर तार गया होता तो हटेगा, लेकिन अभी तक जो जानकारी मिली है। छात्रा खेलने के दौरान तार पर डंडे से मारी थी, इसके चलते करंट की चपेट में आई। फिलहाल जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई होगी।