जनहित की योजनाओं को प्राथमिकता दें अधिकारी : सांसद
पडरौना। जिला विकास समंवय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शनिवार की शाम कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कुशीनगर के सांसद विजय कुमार दूबे ने की। बैठक में जनहित की योजनाओं का क्रियांवयन प्राथमिकता के तौर पर पूरा करने का अफसरों को निर्देश दिया गया।
बैठक में केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता से जुड़ी योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों की तरफ से जन सुविधाओं से जुड़े अनेंक सुझाव व समस्याओं को रखा गया, जिसके समाधान का निर्देश समिति की तरफ से अधिकारियों को दिया गया। सांसद विजय कुमार दूबे ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा जन सुविधाओं से जुड़ी जो भी समस्याएं उठाई जाती हैं, उन्हें अधिकारी गंभीरता से लें और निराकरण कराएं।
बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया है कि काफी हद तक समस्याओं का निराकरण हुआ है। आगे अधिकारी सरकार की योजनाओं का क्रियांवयन शत प्रतिशत कराएं। अधिकारी व जनप्रतिनिधि एक-दूसरे के सापेक्ष हैं। उनके समंवयपूर्ण कार्य से ही जनपद का विकास होगा।
देवरिया के सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य है कि अधिकारी व जनप्रतिनिधि एक जगह बैठकर योजनाओं की समीक्षा करें। कोई कमी मिले तो उसका निराकरण कराएं। उन्होंने कहा कि केवल बैठकों में ही संवाद न हो, बल्कि जनहित के मुद्दों पर चर्चा होती रहनी चाहिए।
मनरेगा की समीक्षा के दौरान खड्डा के विधायक जटाशंकर त्रिपाठी की तरफ से मांग की गई कि मनरेगा से संबंधित सभी विभागों, उनके किए गए कार्यों, खर्च धनराशि का विवरण उपलब्ध कराए जाएं। सीडीओ अन्नपूर्णा गर्ग ने बताया कि केंद्रांश व राज्यांश कुल 19978.70 लाख के सापेक्ष शत प्रतिशत कार्य हो चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए लेबर बजट हेतु 19674.56 लाख प्राविधानित है। इसके सापेक्ष 58.73 लाख मानव सृजन किया जाना है। मनरेगा के तहत 1521 व्यक्तियों को 100 दिन का रोजगार दिया गया है। इस बैठक में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना, जल निगम, आपूर्ति, विद्युत, टेलीफोन आदि विभागों की गहन समीक्षा की गई। जल निगम की प्रस्तावित पेयजल परियोजनाओं में कार्यों को मार्च 2021 तक हर हाल में प्रारंभ कराए जाने का निर्देश दिया गया।