पडरौना। रामकोला ब्लॉक के कुसम्हा गांव में हुए विकास कार्यों में अनियमितता मिली है। इसको गंभीरता से लेते हुए ग्राम प्रधान को डीएम ने नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिए हैं।
गांव के रविंद्र प्रसाद ने डीएम महेंद्र सिंह तंवर को शिकायती पत्र देकर गांव में कराए गए निर्माण कार्यों में अनियमितता कर मानक विहीन निर्माण कार्य का आरोप लगाया था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जिला सेवायोजन अधिकारी और अवर अभियन्ता, पीडब्ल्यूडी को जांच अधिकारी नामित कर जांच के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर निर्माण कार्य की हुई जांच में महाराणा प्रताप अमृत सरोवर निर्माण कार्य में अनियमितता मिली। वहां बना चबूतरा कई स्थानों पर टुटा मिला। चबूतरा निर्माण में उपयोग की गई लोहे की छड़ भी दिखाई दे रही थी। सरोवर का बाउंड्रीवाल पर बने ईंट का पिलर हिल रहे थे। यही नहीं निर्माण कार्य में सफेद बालू का प्रयोग पाया गया। इसके अलावा गांव के मुसहर टोली में कराए गए इंटरलाकिंग की चौडाई तीन मीटर के बचाए दो मीटर ही बना था। इसी तरह गांव में हुए अन्त्येष्टि स्थल के निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमिता मिली। इसको गंभीरता से लेते हुए डीएम ने ग्राम पंचायत कुसम्हा के ग्राम प्रधान उर्मिला देवा को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जिला पंचायत राज अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेताया कि यदि साक्ष्य में कोई तथ्य कमी मिली या संतोषजनक जबाब नहीं मिला तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।