पडरौना। गर्मी में शहरवासियों को बिजली से जुड़ी समस्याओं से दो-चार न होना पड़े, इसके लिए विभाग अभी से तैयारियों में जुट गया है। इस कड़ी में शहर के विद्युत उपकेंद्र को दो मेन लाइन से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
इस व्यवस्था को अमली जामा पहनाने के बाद गर्मी में शहरवासियों समेत 250 गावों के लोगों को बिजली नहीं रुलाएगी। लोगों को लो वोल्टेज और बार-बार बिजली फाॅल्ट की समस्या से निजात मिलेगी। मेन लाइन में फाॅल्ट आने पर भी शहर व गांवों की आपूर्ति ठप नहीं होगी।
करीब 34 हजार उपभोक्ताओं को फाॅल्ट व ट्रिपिंग की समस्या से स्थायी निजात मिल जाएगी। अभी तक पडरौना बिजली घर की मेन सप्लाई कसया से आती थी। अधिक दूरी होने के कारण मेन लाइन में फाॅल्ट के कारण घंटों आपूर्ति ठप रहती थी और शहरवासियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ती थी। अब दूसरी 33 केवी मेन लाइन की सप्लाई रामधाम विशुनपूरा/ 132 केवी न्यू पडरौना बिजली घर से आएगी। इस योजना पर बिजली निगम 2.85 करोड़ खर्च करेगा। इसका 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है, बाकी काम रेलवे के एनओसी नहीं मिलने के कारण रुका हुआ है। विभाग गर्मी शुरू होने से पहले इसे भी पूरा करने का दावा कर रहा है।
गर्मी के मौसम में शहर की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो जाती है। शहरवासियों को लो वोल्टेज, लोकल फाॅल्ट के साथ ट्रिपिंग की समस्या से जूझना पड़ता है। इन्वर्टर डिस्चार्ज हो जाते हैं और पानी के लिए भी लोगों को तरसना पड़ता है। बिजलीकर्मियों को इससे नाराज लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ता है। हवा के झोंके या बारिश के कारण मेन लाइन में बार-बार फाॅल्ट की समस्या आती है और करीब 25 किमी दूरी होने के कारण फाल्ट ढूंढ़ने में समय लगता है। पडरौना बिजली उपकेंद्र से शहर के अलावा करीब 250 गावों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है।
इस परेशानी से अब शहरवासियों को गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले राहत मिल जाएगी। 132 केवी कसया बिजली घर के अलावा 132 केवी न्यू पडरौना बिजली आपूर्ति घर से पडरौना उपकेंद्र को जोड़ दिया जाएगा। न्यू पडरौना बिजली आपूर्ति घर से पडरौना बिजली घर को जोड़ने पर 2.85 करोड़ रुपये खर्च आ रहा है। शहर के बीच से गुजरी रेलवे लाइन के पास तक दोनों तरफ से काम पूरा कर लिया गया है। पूर्वाेत्तर रेलवे प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण रेलवे लाइन के पास होने वाला कार्य रुका है।