कप्तानगंज। पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर-नरकटियागंज और गोरखपुर-थावे रूट के रेलवे स्टेशन कप्तानगंज जंक्शन पर इन दिनों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के लिए चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में 30 अप्रैल तक कोई जगह नहीं है। प्रमुख ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का आंकड़ा पार हो चुका है और ‘’नो सीट’’ की स्थिति बनी हुई है।
गर्मी की छुट्टियों और काम-धंधे के लिए लौटने वाले यात्रियों की भीड़ के कारण ट्रेनों में लंबी वेटिंग है। कप्तानगंज से मुंबई जाने वाली अवध एक्सप्रेस के स्लीपर में 30 और थर्ड एसी में 20 वेटिंग है, जबकि टू-टियर एसी में जगह ही नहीं है। वापसी (मुंबई से कप्तानगंज) में सभी श्रेणियों में ‘’नो सीट’’ की स्थिति है। सप्तक्रांति सुपरफास्ट में कप्तानगंज से दिल्ली के लिए स्लीपर में 66 और थर्ड एसी में 50 वेटिंग है। वहीं, आनंद विहार से वापसी में सभी कोच फुल हैं। सत्याग्रह एक्सप्रेस का भी यही हाल है, यहां स्लीपर में कोई जगह नहीं है और एसी में भी लंबी वेटिंग चल रही है। अमरनाथ एक्सप्रेस में 29 अप्रैल तक भारी भीड़ है। जम्मू से आने वाली ट्रेन के स्लीपर में 106 तक वेटिंग पहुंच गई है।
यात्रियों की मांग : स्थानीय यात्रियों का कहना है कि कप्तानगंज एक बड़ा जंक्शन है, जहां से दो रूटों की ट्रेनें गुजरती हैं।