कुशीनगर। वर्ष 2002 में दिल्ली के चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषी चौराखास थाना क्षेत्र के तरुवनवा के कुम्भिया टोला निवासी सुखदेव यादव (55) की मंगलवार रात सड़क हादसे में मौत हो गई। फाजिलनगर कस्बे के बघौचघाट मोड़ पर एक स्काॅर्पियों ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। इस हादसे में सुखदेव के दो साथी उसके गांव के ही विजय गुप्ता (45) और भागवत सिंह (50) भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद चालक स्कार्पियों छोड़कर भाग गया। पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया है। सुखदेव तिहाड़ जेल में 20 वर्ष की सजा काटने के बाद चार माह पूर्व ही रिहा होकर घर लौटा था।
जानकारी के अनुसार, सुखदेव अपने गांव के ही विजय और भागवत के साथ किसी रिश्तेदारी में गया था। वहां से तीनों एक ही बाइक से गांव लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे नेशनल हाईवे पर फाजिलनगर कस्बे के बघौचघाट मोड़ पर तेज रफ्तार स्कार्पियो ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में सुखदेव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विजय, भागवत घायल हो गए। लोगों की मदद से पुलिस ने घायलों को फाजिलनगर सीएचसी पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें कुशीनगर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
तुर्कपट्टी थानाध्यक्ष स्वतंत्र सिंह ने बताया कि सड़क हादसे में सुखदेव की मौत हुई है। स्कार्पियों को कब्जे में ले लिया गया है। जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
हत्या के बाद कुशीनगर में गिरफ्तार हुआ था सुखदेव
2002 में नीतीश कटारा हत्याकांड के बाद 2004 में जौरा बाजार से भटवलिया जाते समय तत्कालीन थानाध्यक्ष पटहेरवा अजीत मिश्रा ने सुखदेव यादव उर्फ पहलवान को पकड़ा था। सुखदेव भटवलिया स्थित अपनी ससुराल जा रहा था और रात में नशे में धुत वह थानाध्यक्ष की गाड़ी के सामने आ गया। पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि वह कटारा हत्याकांड का आरोपी है, जिसकी तलाश दिल्ली पुलिस कर रही थी।
रिश्तेदारों के साथ दिल्ली नौकरी करने गया था
गांव वालों के अनुसार, सुखदेव यादव उर्फ पहलवान 30 वर्ष पूर्व अपने रिश्तेदारों के पास नौकरी करने के लिए दिल्ली गया था। रिश्तेदारों का संपर्क डीपी यादव से था। उनकी नौकरी की बात डीपी यादव से की। पहलवान जैसे शरीर को देखकर डीपी यादव ने अपना बाॅडीगार्ड रख लिया था। वर्ष 2002 फरवरी में डीपी यादव की बेटी भारती यादव के प्रेमी नीतीश कटारा की हत्या हुई। इस मामले में सुखदेव भी आरोपी था।