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Kushinagar News: नारायणी का दबाव घटा, छितौनी तटबंध के ठोकर से टला खतरा

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खड्डा। गंडक नदी के डिस्चार्ज और जलस्तर में कमी तथा बाढ़ खंड की ओर से किए गए निरोधात्मक कार्यों के चलते छितौनी तटबंध के ठोकर ए पर मंडरा रहा खतरा फिलहाल टल गया है। नदी की कटान की जद में आया पीपल का पेड़ भी बच गया है। नदी का दबाव कम होने के बाद मौके पर चल रहा बचाव कार्य फिलहाल बंद कर दिया गया है। इससे आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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बरसात के इस सीजन में गंडक नदी का रुख अब तक अपेक्षाकृत नरम रहा है। इस दौरान केवल एक बार नदी का डिस्चार्ज 2.25 लाख क्यूसेक तक पहुंचा था। भैंसहा गेज स्थल पर जलस्तर चेतावनी बिंदु से 90 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इसके बाद से नदी का जलस्तर लगातार सामान्य स्थिति की ओर रहा है। पिछले करीब एक सप्ताह से ठोकर ए पर नदी का दबाव कम होने से तटवर्ती लोगों की चिंता भी कुछ कम हुई है। मंगलवार सुबह आठ बजे वाल्मीकि गंडक बैराज से नदी में 81,800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। शाम चार बजे डिस्चार्ज बढ़कर 92,900 क्यूसेक हो गया। इसके बावजूद भैंसहा गेज पर जलस्तर चेतावनी बिंदु से 26 सेंटीमीटर नीचे 94.74 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ खंड के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल छितौनी तटबंध पर किसी तरह का खतरा नहीं है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने पर गंडक नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की आशंका है।
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