पडरौना। सरकारी योजना का लाभ देने के नाम पर साइबर फ्राड की जानकारी होने पर जंगल नाहर छपरा की मुसहर महिलाएं बुधवार को ट्रैक्टर-ट्राॅली से कलक्ट्रेट पहुंचीं और प्रदर्शन किया। डीएम को मांग पत्र देकर खुद को निर्दोष व अंजान बताते हुए जांच कर खंड प्रेरक पर कार्रवाई की मांग की। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। वहीं जालसाजी की घटना के बाद गांव की जिन महिलाओं का बैंक में खाता जालसाज खुलवाया है, वे महिलाएं दहशत में हैं।
देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के के अजीत राय जिला पंचायत कार्यालय में बाबू थे। उन्होंने विकास भवन के पीछे मकान बनवाया है। इनका बेटा अभिजीत राय स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत पडरौना ब्लॉक में खंड प्रेरक पद पर कार्य करता था। शौचालय दिलाने के लिए नाम पर जंगल नाहर छपरा गांव की पूनम, रीता देवी, चंपा देवी,गीता, तेतरी, फूलमती, केदली समेत 50 से अधिक महिलाओं का खाता खुलवाया। महिलाओं को झांसे में लेकर उनका पैन कार्ड और सिम कार्ड निकलवा लिया।
महिलाओं ने विरोध किया तो अभिजीत राय ने कहा कि तुम लोग पढ़ी नहीं हो, ओटीपी आएगा तो बता नहीं पाओगी, इसलिए तुम्हारे नाम से सिम कार्ड लिया हूं और एटीएम कार्ड जारी कराया हूं। कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने के बाद जालसाजी की शिकार हुई महिलाएं डीएम को मांग पत्र दी। डीएम ने मामले को समझने के बाद पडरौना के एसडीएम और तहसीलदार को जांच के लिए नामित करते हुए मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। वहीं जालसाजी के बाद खंड प्रेरक अपने परिवार के साथ फरार हो गया है। जांच में अभी और गांवों के ऐसे मामले सामने आ सकते हैं।
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न्याय नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने न तो कभी बैंक से पैसा निकाला और न ही खाते का संचालन किया। इसके बावजूद उनके खातों से लेनदेन दिखाया जा रहा है। कुछ मामलों में अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी के प्राथमिकी दर्ज है। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।