कुशीनगर/खड्डा। खड्डा कस्बे में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे बिब्रांत अस्पताल में ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। झोलाछाप महिला को जिंदा बताते हुए अपनी कार से शव को पांच घंटे तक इधर-उधर घुमाता रहा।
रास्ते में कार छोड़कर भागने का प्रयास किया तो घर वालों ने दबोच लिया और अस्पताल पहुंचकर हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पति की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।
जानकारी के अनुसार, हनुमानगंज थाना क्षेत्र के रामपुर जंगल गांव निवासी आसमां खातून (25) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन शुक्रवार को दोपहर में खड्डा कस्बा के महाराणा प्रताप चौक के पास बिब्रांत अस्पताल में एक दलाल लाकर भर्ती करा दिया। रात करीब 11 बजे झोलाछाप सैयद ने ऑपरेशन किया तो बच्ची पैदा हुई। पति सिकंदर के अनुसार, बच्ची पैदा होने के बाद आसमां खातून और नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। कहने के बाद भी झोलाछाप नहीं सुना। कुछ देर बाद बच्ची की मौत हो गई।
शनिवार को सुबह प्रसूता आसमां खातून की भी मौत हो गई। इसके बाद झोलाछाप सैयद ने कहा कि महिला अभी जिंदा है। इसे गोरखपुर लेकर जाना पड़ेगा। अपनी कार से आसमां का शव लेकर निकला। इसमें परिजन भी बैठ गए। करीब पांच घंटे तक खड्डा कस्बे में इधर-उधर घुमाने के बाद भागने का प्रयास किया तो प्रसूता के परिजनों उसे पकड़ लिया और निजी अस्पताल पर आने के बाद शव रखकर हंगामा करने लगे।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन घर वाले झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े गए। मामला बढ़ता देख पुलिस ने झोलाछाप को हिरासत में ले लिया।
प्रसूता के पति सिकंदर की तहरीर पर पुलिस ने झोलाछाप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। दोपहर में खड्डा एसडीएम के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। जांच में पता चला कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं है। इसके बाद टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।
मेन रोड पर चल रहा था मौत का अस्पताल, सो रहे थे जिम्मेदार ःखडडा। दो लोगों की असमय मौत के बाद प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली। करीब आठ महीने से अवैध तरीके से बोर्ड लगाकर इस अस्पताल का संचालन हो रहा था। सवाल उठता है कि इसके पहले स्वास्थ्य विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी, जबकि अवैध तरीके से संचालित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोडल अफसर की तैनाती सीएमओ कार्यालय में है।
खड्डा कस्बे के महाराणा प्रताप चौक के पास खड्डा पडरौना रोड के किनारे एक निजी मकान में बड़ा सा बोर्ड लगभग आठ माह से लगा है। कुछ माह से इलाज भी किया जा रहा है। टीम की जांच में पता चला कि बोर्ड पर कई डॉक्टरों का नाम और उनकी डिग्री, (गोल्ड मेडिलिस्ट) आदि लिखा है। यह भी लिखा है कि आइसीयू, एनआइसीयू सभी प्रकार की सर्जरी सहित तमाम बीमारियों के इलाज का दावा किया जाता है, जबकि अस्पताल के अंदर सही से ऑपरेशन थिएटर भी नहीं है।
जनरल सर्जन निकला झोलाछाप ः खडडा। अवैध अस्पताल पर लगे बोर्ड पर अपने को एमबीबीएस (जनरल सर्जन) की डिग्री लिखने वाला सैयद झोलाछाप निकला। महिला का ऑपरेशन करने वाला सैयद सर्जन नहीं है। पुलिस ने जब जांच की तो डिग्री भी फर्जी निकली। इसके अलावा कस्बे में ऐसे झोलाछाप कई निजी अस्पतालों पर फर्जी डिग्री लिखवाकर मरीजों को दलालों की मदद से भ्रम में डालकर लोगाें की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।