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कोविड हॉस्पिटल में पहुंचे अफसर

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तीसरी लहर की आशंका को लेकर मॉकड्रिल
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कोरोना के संभावित गंभीर मरीजों के उपचार का किया परीक्षण
एक बालिका पर हुआ मॉकड्रिल, वेंटीलेटर पर थी मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित कोविड हॉस्पिटल में मॉकड्रिल किया गया। ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. बीएम राव की मौजूदगी में कोरोना महामारी से बचाव को लेकर किस प्रकार तत्परता दिखाई जाएगी, वेंटीलेटर का कैसे उपयोग होगा, इस बारे में परीक्षण किया गया। इस मौके पर सीएमओ, सीएमएस सहित जिला अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के अन्य लोग मौजूद थे।
कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग ने उपलब्ध संसाधनों के सापेक्ष तैयारी काफी हद तक पूरी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिला अस्पताल से लगे 100 बेड के कोविड हॉस्पिटल में 40 बेड का चाइल्ड वार्ड और 20 बेड का वेंटीलेटरयुक्त वार्ड बनाया गया है। चाइल्ड वार्ड में जिन मरीजों की स्थिति नहीं संभलेगी, उन्हें वेंटीलेटर वाले वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। शेष बेड सामान्य रोगियों के लिए बनाए गए हैं। कोरोना की संभावित तीसरी लहर में ऑक्सीजन की कोई कमी न हो, इसलिए कोविड हॉस्पिटल और इससे लगे जिला अस्पताल में दो-दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें एक चेयरमैन विनय जायसवाल, दूसरा पीएम केयर फंड, तीसरा एक एनजीओ और चौथा सदर विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य की तरफ से उपलब्ध कराया गया है। शुक्रवार को दोपहर बाद उन्होंने उसका उद्घाटन भी किया। इसके अलावा पीआईसीयू (पिडियाट्रिक एसेंसिव केयर यूनिट) और एसएनसीयू (सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट) को भी बच्चों के इलाज के लिए तैयार कर लिया गया है। संबंधित डॉक्टरों और चिकित्सकीय स्टॉफ को इसके लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है।
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शुक्रवार को संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य गोरखपुर बीएम राव, सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया और सीएमओ कार्यालय के डॉक्टरों की टीम के साथ कोविड हॉस्पिटल में पहुंचे और मॉकड्रिल कराया। एक वेंटीलेटर पर बालिका पर यह ट्रॉयल किया गया। वेंटीलेटर से ऑक्सीजन का कितना प्रेशर दिया जाना चाहिए, बुखार कैसे मापें, कोविड के लक्षण और बिना लक्षण वाले मरीजों की पहचान सहित कई बिंदुओं पर जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश यादव, सर्वेश पांडेय और मौजूद अन्य चिकित्सकीय स्टॉफ से जानकारी ली। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद उन्होंने शासन से मिले सुझावों के बारे में बताया। इस दौरान सीएमएस डॉ. एसके वर्मा, डॉ. मनोज राय, मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता रितेश तिवारी अन्य लोग मौजूद थे।
कसया कोविड अस्पताल में अभ्यास हुआ
कसया। कोविड एल-वन अस्पताल (सपहां सीएचसी) में शुक्रवार को अभ्यास किया गया। यहां मरीज की इंट्री से लेकर उसे स्ट्रेचर पर ही ऑक्सीजन देने के साथ सारे चेकअप, देखरेख और आकस्मिक कक्ष में भर्ती की प्रक्रिया की गई। इसके बाद मरीज की हालत के मुताबिक सामान्य वार्ड, आईसीयू और यदि बच्चा है व काफी क्रिटिकल अवस्था में है तो एसएनसीयू में भर्ती करने का अभ्यास किया गया।
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शुक्रवार को डब्ल्यूएचओ कुशीनगर के सर्विलांस मेडिकल अफसर (एसएमओ) डॉ. अंकुर सांगवान के साथ स्वास्थ्य टीम एल-वन अस्पताल सपहां सीएचसी पहुंची। यहां ऑक्सीजन प्लांट व कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी की व्यवस्था पर अभ्यास हुआ। निरीक्षण की कड़ी में ऑक्सीजन प्लांट कक्ष में उपकरणों के कार्य, पाइपलाइन से अस्पताल तक ऑक्सीजन की सप्लाई की जानकारी ली। इसके बाद सामान्य वार्ड, आईसीयू व एसएनसीयू वार्डों में बेडों पर मौजूदा व्यवस्था व स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जानकारी ली। हालांकि उनके निरीक्षण में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी पाई गई, जिसे उच्चाधिकारियों से अवगत कराने की बात कही। प्रभारी अधीक्षक डॉ. यूसुफ अंसारी ने बताया कि अभ्यास के दौरान मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाने से लेकर उपचार की सभी जरूरी प्रक्रिया अति शीघ्र और अल्प समय में की गई है, ताकि कोरोना की संभावित तीसरी लहर के दौरान किसी मरीज के आने पर उसे जल्दी से भर्ती करके इलाज शुरू किया जा सके। इस मौके पर अशोक प्रसाद, रामनाथ, आदर्श आदि स्वास्थ्य कर्मचारी आदि मौजूद थे। संवाद
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