फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: ओटीएस की राह में मीटर रीडिंग का रोड़ा

Fri, 24 Jan 2025 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
पडरौना/ दुदही। एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की राह में गलत मीटर रीडिंग लोगों के बिल सही होने की राह में रोड़ा बन रही है। मीटर रीडर्स की गलती का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। बिल संशोधन के लिए लोग विभागों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

गलत बिलिंग से एक उपभोक्ता का 2.44 लाख बिल आया तो उसने मुख्यमंत्री से शिकायत की, जिसके बाद 46,851 रुपये में समाधान हुआ। वहीं, एक उपभोक्ता के डीएम को दिए गए प्रार्थना पत्र पर हुई कार्रवाई में दो सुपरवाइजर और पांच मीटर रीडर्स पर एफआईआर हुई। वहीं 22 मीटर रीडर की आईडी ब्लॉक की गई। कुशीनगर जिले में ऐसी ही समस्या से हजारों उपभोक्ता परेशान हैं। इस वजह से ओटीएस की गति धीमी पड़ गई है।
लोगों का कहना है कि कर्मचारी समय पर मीटर की रीडिंग के लिए नहीं पहुंच रहे हैं और घर बैठे ही मनमाना बिल बना दे रहे हैं। शहरी क्षेत्र में तो हालत ठीक है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में तो एक-एक साल बिना रीडिंग लिए ही बिल बना दिए जा रहे हैं। इससे गलत बिलिंग हो रही और अधिक बिल आने पर उपभोक्ता परेशान होकर कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इसकी वजह से ओटीएस की गति भी धीमी पड़ रही है। उपभोक्ता जब बिल काउंटर या कैंप में ओटीएस का लाभ लेने के लिए पहुंच रहे हैं तो बेतहाशा बढ़ा बिल देखकर लोगों के होश उड़ जा रहे हैं।
विज्ञापन

बिजली संशोधन के लिए उपभोक्ताओं को ठंड में भी पसीने छूट रहे हैं।
बिल जमा करने के लिए बिजली निगम की ओर से बिजली उपकेंद्रों पर काउंटर बनाए गए हैं। गांवों और कस्बों में भी कैंप लगाए जा रहे हैं। जिन कैंपों में एसडीओ नहीं रह रहे, वहां ओटीएस का रजिस्ट्रेशन तो किया जा रहा है, लेकिन जिसका बिल बढ़कर आ रहा उनके बिल में गड़बड़ियों में सुधार नहीं हो पा रहा है। उन्हें एसडीओ कार्यालय आना पड़ रहा। उपभोक्ता बोल रहे कि जब हम पैसा जमा करने आ रहे हैं तो बेवजह दौड़ना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें