कसया। भाद्र पूर्णिमा (मधु पूर्णिमा) पर शनिवार को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। श्रीलंका बुद्ध विहार में सूत्रपाठ के साथ चीवर दान किया गया। वहीं, बौद्ध भिक्षुओं ने महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर में तथागत बुद्ध की लेटी प्रतिमा पर चीवर चढ़ाकर विश्व शांति, मानव कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा में प्रभावित लोगों और शोक संतप्त परिवारों की शांति के लिए विशेष सूत्रपाठ किया गया।
बौद्ध भिक्षुओं ने आपदा में प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र उबरने की कामना की।कुशीनगर भिक्षु संघ के सचिव भिक्षु डॉ. नन्दरतन ने बताया कि भाद्र पूर्णिमा को मधु पूर्णिमा भी कहा जाता है। बौद्ध परंपरा के अनुसार, कौशांबी के पारिलेयक वन में प्रवास के दौरान एक बंदर ने तथागत बुद्ध को मधु और हाथी ने केले अर्पित किए थे। इसी स्मृति में इस दिन भिक्षुओं को मधु दान करने की परंपरा है। इस दौरान भिक्षु नन्दका, भिक्षु शीलप्रकाश, फ्रा अथार्न धम्मानुसित, भंते यशपाल, भंते विनय कीर्ति, सायचुक आदि मौजूद रहे। संवाद