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मार्च क्लोजिंग : कई विभाग खर्च नहीं कर सके बजट

Wed, 01 Apr 2026 02:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। वित्तीय वर्ष 2026 के अंतिम दिन मंगलवार को क्लोजिंग को ट्रेजरी कार्यालय में देर रात तक बिल वाउचर का मिलान जारी रहा। अंतिम समय तक कई विभागों के कर्मचारियों के वेतन, एरियर और योजनाओं के लाभार्थियों के खाते में रकम भेजकर बजट को खपाया गया। कई विभाग ऐसे रहे, जिन्होंने बीते वित्तीय वर्ष के लिए मिले बजट को पूरा खर्च नहीं कर पाए। इसमें सबसे अधिक बचत जिला विद्यालय निरीक्षक विभाग का रहा। सबसे कम जिला पंचायत को रकम सरेंडर करनी पड़ी है।
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एक अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाले वित्तीय वर्ष का पूरा लेखा-जोखा तय किया जाता है। विकास भवन, शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग आदि कार्यालय मार्च क्लोजिंग को लेकर देर रात तक बिलों के सत्यापन और भुगतान आदि काम किये गए। कर्मचारियों के वेतन, एरियर तथा योजनाओं के लाभार्थियों के खाते में बजट भेजा जा रहा है। कई विभागों के बिल देर रात आते रहे। कलक्ट्रेट स्थित कोषागार कार्यालय के कर्मचारी सभी विभागों के बिल वाउचर का सत्यापन, बचत खाते के सत्यापन व निस्तारण में जुटे रहे।
वित्तीय वर्ष में मेडिकल कॉलेज को कुल मिले बजट के सापेक्ष 67,82,09841 रुपये खर्च किए और 96,89,159 रुपये खर्च नहीं हो पाए। ऐसे ही पीडब्लूडी ने 2,58,16,89,495 रुपये खर्च किए हैं। 15,87,505 रुपये बचत खाते में चले गए। ऐसे ही पुलिस विभाग ने 2,84,42,68, 437 रुपये खर्च किए और 5,87,32, 360 रुपये बचत में हैं। विकास विभाग ने 56,69,53,630 रुपये खर्च किए व 1,63,000 रुपये बचत हैं। वहीं, कृषि विभाग ने मिले बजट में कुल 5,58, 00330 रुपये खर्च किए हैं, जबकि 28,71,498 रुपये बचत खाते में चले गए।
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आबकारी विभाग ने 3,28,14,571 रुपये खर्च किया और 9,69,099 रुपये बचत खाते में गए। इसके अलावा सीएमओ विभाग का मिले बजट में 49,71,89, 024 रुपये खर्च किये और 4, 46,26, 651 रुपये बचत खाते में गया। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से 8,21,29,98,864 खर्च किया गया और 25,38,49,18 बचत रह गया। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक विभाग ने 1,48,40,15,673 खर्च किया और सबसे अधिक 28,61,94,791 बचत खाते में है, जबकि जिला पंचायत ने 54,40,94,792 रुपये खर्च किए और मात्र 30, 676 रुपये बचत खाते में रह गये। विभिन्न विभागों में बची हुई रकम को खर्च करने के लिए अधिकारी से लेकर कर्मचारी दिन भर दफ्तर से लेकर बैंक के चक्कर काटते रहे। सभी विभागों को 31 मार्च को कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार में सभी विभागों को बिल बाउचर जमा करना है। हालांकि देर रात तक विभिन्न विभागों ने बिल बाउचर जमा करने के बाद खर्च और बचत के रकम में अंतर हो सकता है।

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मार्च क्लोजिंग को लेकर कार्यालय में देर रात तक बिलों के सत्यापन और भुगतान आदि काम किए गए हैं। कर्मचारियों के वेतन, एरियर तथा योजनाओं के लाभार्थियों के खाते में बजट भेजा जा रहा है। तमाम विभागों के बिल देर रात आते रहे। सभी विभागों के बिल वाउचर का सत्यापन व बचत खाते के सत्यापन व निस्तारण में कार्यालय के कर्मचारी जुटे रहे। - सुनील कुमार यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी।
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