कुशीनगर जिले में मंगलवार की भोर में आई आंधी-बारिश ने जिले में खूब तबाही मचाई। आंधी-बारिश के दौरान अपने बागीचे में आम एकत्र करने गए किसान पर बिजली गिर गई, जिससे गंभीर रूप से झुलस जाने से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दूसरी ओर तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के खुदरा अहिरौली में एक दुकानदार के ऊपर झोपड़ी गिर गई। उसके नीचे दब जाने से दुकानदार की मौत हो गई।
इसके अलावा जटहां बाजार थाना क्षेत्र के सोनवल गांव में एक पक्के मकान पर बिजली गिरने से छत फट गया। पटहेरवा थाना क्षेत्र के मीरबिहार गांव में आंधी-बारिश के दौरान पोल सहित हाइटेंशन लाइन टूटकर एक घर पर गिर गई। उस घर में बच्चों सहित चार लोग सो रहे थे। संयोग ठीक था कि उस समय बिजली कट गई थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
पडरौना सहित आस-पास के क्षेत्रों में तार-पोल पर पेड़ गिरने से भोर से ही बिजली आपूर्ति बाधित रही। लोगों को बिजली-पानी के संकट से जूझना पड़ा। इसके अलावा सुकरौली और आस-पास के क्षेत्रों में दुकानों के छज्जे उजड़ गए। सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा।
किसान की मौत
कुशीनगर में हादसा
- फोटो : अमर उजाला।
रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार, थाना क्षेत्र के रामपुर बगहां खास गांव के धूस टोला पर परिवार के साथ रहने वाले 60 वर्षीय एक किसान के ऊपर मंगलवार की भोर में आंधी-बारिश के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिर गई। उस समय वह अपने बागीचे में गए थे। बिजली के चलते झुलस जाने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रामकोला थाने की पुलिस और कप्तानगंज के तहसीलदार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लालू प्रसाद (60) गांव के बाहर धूस पर झोपड़ी डालकर पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते थे। मंगलवार की भोर में तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हुई तो वह अपने बगीचे में जाकर आम एकत्र करने लगे। उसी दौरान गरज-चमक के साथ उनके ऊपर बिजली गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। इस वजह से लालू प्रसाद की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसकी सूचना पूर्व प्रधान जितेंद्र सिंह ने कप्तानगंज के तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी को दी। इसके बाद रामकोला के प्रभारी थानाध्यक्ष एसपी राय को बताए। तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दुकानदार की मौत
कुशीनगर में हादसा
- फोटो : अमर उजाला।
गुरवलिया बाजार प्रतिनिधि के अनुसार तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के खुदरा अहिरौली गांव के नौका टोला निवासी 55 वर्षीय रामचंद्र गुप्ता घर से करीब 300 मीटर दूर करमैनी जाने वाली सड़क के किनारे गुमटी व झोपड़ी डालकर चाय-पकौड़ी बेचते थे। रात में वह दुकान से थोडी दूर स्थित एक निर्माणाधीन मकान में सोते थे। मंगलवार की सुबह आंधी-बारिश के दौरान वह दुकान की स्थिति देखने पहुंचे थे, तभी गुमटी पलटकर झोपड़ी पर गिर गई। रामचंद्र झोपड़ी में थे।
इस वजह से उसमें दब गए। सुबह बारिश बंद होने कुछ लोग चाय पीने दुकान पर पहुंचे तो झोपड़ी गिरी देखकर शोर मचाया। भीड़ ने झोपड़ी का मलबा हटाया तो रामचंद्र उसी में मृत अवस्था में पड़े थे। सूचना पर एसआई अभिषेक सिंह, एचसीपी अरविंद राय, कांस्टेबल दीपचंद चौहान, विनय कुशवाहा और अरविंद सिंह मौके पहुंचे। हल्का लेखपाल संतोष गुप्ता भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव का पंचनामा बनवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेखपाल ने अहेतुक सहायता के लिए तहसील प्रशासन को रिपोर्ट भेजी। मृतक अपने पीछे पत्नी उर्मिला, चार विवाहित पुत्रियां अनीता, सुनीता, नीतू, किशा, अविवाहित पुत्री नीपू व इकलौते पुत्र बिट्टू को छोड़ गए हैं। उनकी मौत से परिवार में चीत्कार मच गई।
जटहां बाजार प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के सोनवल गांव में मंगलवार की सुबह आंधी-बारिश के दौरान संतोष यादव के पक्के घर पर बिजली गिर गई। इससे छत फट गई व मकान का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घर में रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल गए।
कई गांव अंधेरे में
कुशीनगर में हादसा
- फोटो : अमर उजाला।
समउर बाजार प्रतिनिधि के अनुसार आंधी-बारिश के दौरान पटहेरवा थाना क्षेत्र के मीरबिहार गांव में 11 हजार वोल्ट की लाइन पोल सहित टिनशेड के एक घर पर गिर गई। उस समय गांव के रियाजुद्दीन की पत्नी शहनाज खातून (40), बड़ी बेटी करीना (10), बेटा दानिश रजा (8), बेटी फरीदा खातून (5) और आशिक रजा (3) घर के अंदर सो रहे थे। हाइटेंशन लाइन गिरने से उनका मकान क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन संयोग ठीक था कि बिजली कट गई थी, जिससे इनक जान बच गई। मलबा हटाने के बाद सभी सकुशल बाहर निकले।
सुकरौली प्रतिनिधि के अनुसार भोर की गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश ने सुकरौली और आस-पास के क्षेत्रों में काफी नुकसान पहुंचाया। सुकरौली में कई दुकानों के टिनशेड उड़ गए। तार-पोल पर पेड़ गिर जाने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। आंधी के कारण कई घरों और दुकानों को क्षति पहुंची है। इसके अलावा अहिरौली, बंचरा और ढाढ़ा में सड़क के किनारे कई पेड़ भी गिर गए। इससे घंटों आवागमन बाधित रहा। बिजली न रहने से भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार भोर में आंधी-बारिश के कारण कहीं 33 हजार केवी तो कहीं 11 हजार केवी की लाइन पर पेड़ गिर गए। राजापाकड़ से आने वाली 33 हजार और 11 हजार केवी की लाइन पर सपही टड़वा, राजापाकड़ और सेवरही में गंडक कालोनी के पीछे पेड़ गिर जाने से काफी नुकसान हुआ। लोकमान्य इंटर कॉलेज जाने वाले मार्ग पर 11 हजार केवी की लाइन पर सागौन का पुराना पेड़ गिर गया, जिससे तार-पोल तो गिरे ही, घंटों इस मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। इसके चलते सेवरही ब्लॉक के पास और डबरा के किनारे शिवशक्ति नगर सहित कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूटकर गिर गए।
पकड़ियार पूरबपट्टी, हफुआ बलराम, दुबौली, दाहूगंज, गौरी नगर, सुमही संतपट्टी, विरवट कोंहवलिया, पिपराघाट, राजपुर खास, ब्रह्मपुर, दोमाठ, रानीगंज, मिश्रौली, जगदीशपुर, पिरोजहां, राजपुर बगहा सहित कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप रही। सेवरही के एसडीओ रामशब्द, जेई विकास कुमार साहनी, तरयासुजान के जेई दीपक चौरसिया के साथ सभी संविदाकर्मी विद्युत लाइन पर गिरने पेड़ों को कटवाने और खंभों व तारों को ठीक कराने में लगे रहे। सेवरही के एक्सईएन विरेंद्र कुमार सिंह का कहना था कि उनकी प्राथमिकता बिजली आपूर्ति को बहाल करना है। सभी क्षेत्रों में कर्मचारी खंभों व तारो को दुरुस्त करने में लगे हुए हैं।