रकबा जंगली पट्टी में प्रक्षेपण स्थल पर सांसद,वैज्ञानिक व प्रतियोगी छात्रों के साथ गगन यात्री ग्
कुशीनगर। जंगली पट्टी जैसे छोटे जंगल (झाड़ झंखाड़) से मंगल ग्रह की बात होना, युवा वैज्ञानिकों द्वारा वहां तक पहुंचने की चाह रखना और यहां आए अंतरिक्ष से जुड़ी संस्था के सबसे बड़े पद पर बैठे व्यक्ति की गंडक के किनारे के इलाके को स्थायी लांच पैड बनाने की चाह रखना यह सब इस पूरे सेवरही क्षेत्र के इलाके में गंडक और यहां की पहचान बढ़ाने की उम्मीद छोड़ गया। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से लगातार इस पूरे क्षेत्र को विकसित करने और मॉडल गांव बनाने की भी योजना परवान चढ़ने लगी है।
इंस्पेस के चेयरमैन डॉ. पवन गोयनका ने जब गंडक और यहां फैले दूर तलक खाली भूमि को देखा तो इस इलाके में अंतरिक्ष की इतनी बड़ी प्रतियोगिता को लेकर खुश नजर आए और आशान्वित होते हुए कहा कि तीन चार दिनों में जंगल में मंगल हो गया है। भारत के अंदरूनी एरिया में ऐसे आयोजन को लेकर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इंडस्ट्री और स्पेस को इस क्षेत्र में कैसे लाया जाए इसपर विचार किया है।
रॉकेट के लिए परमानेंट लांच सेंटर बनाने और इसे छात्रों के प्रयोग करने की भी बात करेंगे। कहा कि खुले में यहां बहुतायत में भूमि है जिससे इस क्षेत्र में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है लेकिन इससे पहले हमें कुछ संसाधन चाहिए जिसे सांसद शशांक मणि द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने भी अपग्रेडेशन प्लान और इस क्षेत्र के गांव को मॉडल बनाने की घोषणा की। कहा कि इसके लिए जिला प्रशासन त्वरित कार्रवाई शुरू करेगा। सेवरही से बंधे वाली सड़क टू लेन बनाई जाएगी तो जमीन का बदलीकरण कर किसानों को अच्छी भूमि दी जाएगी और यहां लांच सेंटर बनाया जाएगा। ऐसी प्रतियोगिताओं में वीवीआईपी के आगमन के लिए हेलीपैड के साथ स्टेडियम का निर्माण होगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है।