कुशीनगर। पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पाए गए राजेश नट को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामला कप्तानगंज थाने से जुड़ा है। अभियोजन ने कहा कि दोषसिद्ध अभियुक्त ने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या की थी। अभियुक्त पर पत्नी की सुरक्षा का दायित्व था। अदालत ने अपराध को गंभीर और जघन्य प्रकृति का माना लेकिन मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में नहीं रखा। अभियोजन की ओर से दोषी को अधिकतम दंड देने की मांग की गई थी। वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की अपील करते हुए कहा कि अभियुक्त बेहद गरीब और खानाबदोश है तथा मजदूरी कर अपने और परिवार का भरण-पोषण करता है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि अभियुक्त को पहले किसी न्यायालय ने दोषी नहीं ठहराया है और वह जेल में लंबा समय बिता चुका है। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो के न्यायाधीश परमेश्वर प्रसाद ने कहा कि मामला धारा 302 आईपीसी के तहत हत्या के अपराध का है। इस धारा में अधिकतम सजा मृत्युदंड और न्यूनतम आजीवन कारावास का प्रावधान है। अदालत ने अभियुक्त की परिस्थितियों और अपराध की प्रकृति को देखते हुए मृत्युदंड के बजाय आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा सुनाई।