कुशीनगर। एसएनसीयू वार्ड से नवजात को चुराने वाली महिला के मायाजाल में पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रशासन करीब 36 घंटे तक उलझा रहा। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में रेकी करने के बाद महिला नर्स और गार्ड की आंखों में धूल झोंक कर बच्चे को चुरा ले गई। नवजात की चोरी का मामला शासन तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। पुलिस-प्रशासन की चौकसी बढी और बृहस्पतिवार को नवजात मनिकौरा गांव के पश्चिम टोला से सकुशल बरामद हो गया। बेटे को सकुशल पाकर दंपती की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात का इलाज शुरू हो गया है।
पडरौना कोतवाली के एक गांव की रहने वाली महिला के पति की करीब छह माह पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसकी सिर्फ तीन बेटिया हैं। बड़ी बेटी सात साल, दूसरी बेटी पांच साल और छोटी बच्ची एक साल की है। गांव के प्रधान प्रतिनिधि हरेंद्र साहनी ने बताया कि महिला की चचेरी देवरानी तीन दिन पूर्व मेडिकल काॅलेज में भर्ती हुई थी। उसे देखने के लिए महिला गई थी। वहां मंगलवार रात रेकी करने के बाद बुधवार सुबह डॉक्टर के राउंड करने के बाद खुद को नवजात की मां बताते हुए नर्स और गार्ड की आंखों में धूल झोंक कर बाहर लेकर निकल गई। वहां से उसे लेकर घर चली आई। घर में नवजात को पूरी रात रखी रही, लेकिन पड़ोसियों को भी इसकी जानकारी नहीं हुई। शाम को बेटे की बरामद होने की जानकारी होने पर एसपी खुद रविंद्र नगर थाने पर पहुंचे और प्रदीप को बुलाकर नवजात के सुपर्द कर दिया। इसके बाद मां रीना देवी ने अपने जिगर के टुकड़े को गोद में लिया।
-विवेचना में नवजात को चोरी करने वाली महिला का नाम पुलिस शामिल करेगी। महिला घर से फरार है। उसका पता लगाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कराई जा रही जांच के आधार पर विवेचना में आगे शामिल किया जाएगा। महिला के सामने आने के बाद पूछताछ में और भी जो जानकारी मिलेगी। उस आधार पर आगे की जांच होगी। -केशव कुमार, एसपी कुशीनगर
नवजात मिल गया है पर कैसे कोई भी महिला वार्ड से नवजात को निकाल ले गई, इसमें कहां चूक हुई। इसकी जांच कराई जा रही है। जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। -डॉ. आरके शाही,प्राचार्य मेडिकल कॉलेज कुशीनगर