लक्ष्मीगज। अंतरराष्ट्रीय बुद्धा लर्निंग सेंटर सारनाथ के संचालक चंदिमा थेरो की अगुवाई में निकली धम्मचारिका (पद यात्रा) शुक्रवार को लक्ष्मीगंज बाजार पहुंची।
इसमें 200 भिक्षु समाज कल्याण के लिए धम्मचारिका कर रहे हैं। बाजार में उनका स्वागत किया गया। यहां एक स्कूल में भिक्षुओं ने रात्रि विश्राम किया। महात्मा बुद्ध के उपदेश को समाज के लिए प्रासंगिक बताया गया। धम्मचारिका की अगुवाई कर रहे भिक्खु चंदिमा थेरो ने बताया कि द्वेष, कटुता, वैमनस्य, ईर्ष्या आदि विकृतियों के कारण समाज दिशाहीन हो गया है। विश्व में आतंकवाद, वर्चस्व की लडाई, क्षेत्रवाद हथियारों की होड़ आदि से मानवता खतरे में आ गई है।
बुद्ध के उपदेशों से ही दुनिया में शांति आ सकती है। इसलिए बुद्ध के उपदेशों को प्रचारित करने के लिए पदयात्रा निकाली गई है। शनिवार सुबह धम्मचारिका रामकोला पपउर के लिए प्रस्थान की। इस दौरान भगवंत कुशवाहा, निठुरी राजभर, दिग्विजय मौर्य, रामकृपाल, हवलदार प्रसाद, यशवंत गौतम, बलवंत कुशवाहा, प्रदीप यादव, गौतम सैनी आदि मौजूद रहे। रामकोला पहुंची धम्मचारिका: रामकोला। सारनाथ से शुरू हुई धम्मचारिका देवदह होते हुए शनिवार को रामकोला पहुंची। वार्ड नंबर एक के आंबेडकर पार्क में भव्य स्वागत हुआ।