संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में लंपी का प्रकोप बढ़ रहा है। 200 से अधिक पशु इस बीमारी की चपेट में हैं। इसे लेकर पशु पालकों में हड़कंप है। पशु पालन विभाग ने 50 हजार लंपी का टीका मंगाया है। इसके लिए टीम गठित कर गांवों में टीकाकरण शुरू कर दिया गया है। वहीं जिन गांवों में लंबी की चपेट में पशु आए हैं, वहां पशु पालन विभाग की टीम पहुंच रही है, और इलाज कर रही है। ऐसे पशुओं को अलग रखने और साफ-सफाई की सलाह दी जा रही है।
जिले से सटे ग्रामीण इलाकों में पशुओं में लंपी बीमारी पांव पसर रही है। सतर्कता को देखते हुए बिहार से जिले में आने वाले पशुओं पर डीएम के निर्देश पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए बाॅर्डर पर पशु पालन विभाग की टीम को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन टीम की लापरवाही के कारण आज भी जिले में बिहार से पशुओं को लेकर लोग जिले में आ रहे हैं।
विशुनपुरा, खड्डा, सेवरही, कसया ब्लॉक में लंपी की चपेट में 200 से अधिक पशु आ चुके हैं, लेकिन पशु पालन विभाग का दावा 101 पशुओं को लंपी से बीमार होने का है। पड़री पिपरपाती गांव में तीन से अधिक पशुओं की मौत भी हो चुकी है। पशु पालकों का कहना है कि समय से पूर्व पशुओं को लंपी का टीका लग गया होता तो शायद बीमारी नहीं फैली होती।
पशु पालन विभाग ने सभी कर्मचारियों को सतर्क कर दिया है। पशुओं का टीकाकरण भी शुरू कर दिया है। दो दिन में 1500 से अधिक पशुओं को टीका लगाया जा चुका है।