कुशीनगर। बरवापट्टी थाना क्षेत्र के एक गांव में संबंधों में संदेह को लेकर दामाद ने सास-ससुर की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दिया था। विरोध करने पर एक किशोर को भी अधमरा कर भाग गया था। इस मामले में बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन आनन्द प्रकाश तृतीय की अदालत ने आरोपी मंटू मद्धेशिया को उम्रकैद की सजा सुनाई। हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में 1.20 लाख के अर्थदंड से दंडित किया है।
बरवापट्टी थाना क्षेत्र के रामपुर बरहन टोला खानगी निवासी बांगुर ने अपनी बेटी शांति की शादी वर्ष 2018 में बिहार के गोपालगंज जिले के धर्मकटा गांव निवासी मंटू मद्धेशिया के साथ किया था। शादी के कुछ माह बाद मंटू और उसकी पत्नी के बीच संबंधों में संदेह को लेकर विवाद होने लगा। बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया। बागुंर को विवाद की जानकारी हुई तो अपने पौत्र को भेजकर दामाद मंटू को बुलवाया। 27 मई 2019 की रात मंटू अपने साले के 14 वर्षीय पुत्र आदित्य के साथ सो रहा था।
आधी रात को मंटू उठा और हाथ में कुल्हाड़ी लेकर सो रहे सास-ससुर की ओर बढ़ा, तब तक आदित्य की नीद खुल गई। विरोध करने पर आदित्य पर कुल्हाड़ी से वार कर घायल कर दिया। इसके बाद सो रहे ससुर बांगुर और सास किसमती देवी की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद रात को ही भाग गया। 40 किमी दूर अपने घर पहुंचकर पत्नी पर भी हमला कर दिया। पुलिस इस मामले में मंटू मद्धेशिया पर हत्या और हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया। विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया।
मामला सत्र न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण मामला सत्र न्यायालय सुपुर्द किया गया, जिसका विचारण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन आनंद प्रकाश तृतीय के न्यायालय में हुआ। न्यायालय साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हत्या के मामले में आजीवन कारावास, एक लाख रुपये के अर्थदंड व हत्या के प्रयास में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये का अर्थ दंड से दंडित किया है।