-दुकानों से विततिर की गई यूरिया की शुरू हुई जांच, कृषि विभाग ने राजस्व विभाग को सौंपी किसानों की सूची, राजस्वकर्मी करेंगे जोतबही की जांच
-एक एकड़ पर एक बोरा यूरिया देने का है नियम, आधार कार्ड पर दस से बीस बोरी किसानों को दी गई
- जिले में 1800 एमटी से अधिक यूरिया का हो चुका है वितरण, फिर भी दूर नहीं हुई किल्लत
- शासन की सख्ती के बाद कृषि विभाग ने सचिव और खाद के दुकानदारों को जारी किया नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में करीब 1800 एमटी यूरिया का वितरण होने के बाद खाद की किल्लत कम नहीं हो रही है। कम भूमि वाले किसानों को अधिक खाद देने और साक्ष्य न देने पर तीन दुकानों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। 30 से अधिक दुकानों को नोटिस जारी किया गया है। जिन्होंने अधिक खाद का वितरण किया है, उनसे साक्ष्य मांगे गए हैं।
वहीं जिले में पर्याप्त उपलब्धता के बाद खाद वितरण में हुई धांधली की जांच शुरू कर दी गई है। कृषि विभाग ने तहसील प्रशासन को किसानों की सूची उपलब्ध करा दी है। इसके आधार पर किसानों की जोतबही की जांच राजस्व कर्मियों ने शुरू कर दी है। इससे पता चल जाएगा कि किसान के पास कितना खेत है और खाद कितनी ले गए हैं।
खाद वितरण में धांधली करने वाली समितियों के सचिव और दुकानदारों में हड़कंप मचा है। कृषि विभाग की ओर से पांच बोरी से अधिक यूरिया देने वाली समिति के सचिव, प्राइवेट दुकान को नोटिस जारी किया गया है। धान की रोपाई के करीब एक माह बाद फसल में यूरिया खाद डाली जाती है। इस दौरान खाद लेने के लिए सहकारी समितियों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
समितियों पर यूरिया समाप्त होने से पहले खाद पाने के लिए मारामारी मच रही है। सुबह से दोपहर तक जिन किसानों को खाद मिल पाया वह भी फसल के हिसाब से कम बता रहे। पर्याप्त खाद न मिलने से किसान परेशान थे। जिले की हर समितियों पर खाद का संकट देखने को मिलने लगा। दो बार कुशीनगर में कृषि मंत्री को आकर खाद वितरण में सामने आ रही धांधली की जांच करनी पड़ी। इसके बावजूद मामला पटरी पर नहीं है।
समितियों पर किसानों की भीड़ को देखते हुए समितियों की तरफ से उपलब्धता के अनुसार एक-एक बोरी ही यूरिया खाद मिल पा रहा था। इसके चलते हर दिन सहकारी समितियों पर यूरिया खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ जुट रही। कई समितियों पर किसानों की भीड़ अधिक होने और हंगामे को रोकने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। वहीं सुकरौली के आईएफडीसी रामपुर झुरिया, राय कृषि केंद्र देवकली, हिंदुस्तान खाद भंडार देव चौराहा के खाद दुकानदार एक-एक व्यक्ति को 20 से 30 बोरी खाद दे दी गई।
जिला कृषि अधिकारी ने नोटिस जारी कर खाद लेने वाले किसानों की जोतबही और नाम पता मांगा, लेकिन दुकानदार नहीं उपलब्ध करा सके। इसके बाद तीनों दुकानों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। शुरुआती दिनों में दुकानदार खाद वितरण में मनमानी की और नेपाल तथा बिहार में खाद भेज दी गई। बावजूद इसके जिले के किसानों के सामने अभी तक यूरिया की किल्लत दूर नहीं हुई है।
हालत यह है कि किसानों को भटकना पड़ रहा है। कृषि विभाग का दावा है कि अब तक जिले के किसानों में 1800 एमटी से अधिक यूरिया का हो चुका है, वहीं जिले में यूरिया की कुल उपलब्ध 6070 एमटी है, जिसमें से 2151 एमटी खाद सहकारिता व 4019 एमटी यूरिया निजी क्षेत्र की दुकानों को दिया गया है। इसी तरह जिले में डीएपी की उपलब्धता 4421 एमटी है। इसमें से 1506 एमटी सहकारिता व 2915 एमटी निजी क्षेत्र के दुकानों पर उपलब्ध कराया गया है।
जिले में एनपीके की कुल उपलब्धता 3862 एमटी है, जिसमें से 304 एमटी सहकारिता व 3557 एमटी निजी क्षेत्र के दुकानों पर उपलब्ध है। अब शासन की तरफ से हुई सख्ती के बाद कृषि विभाग पांच बोरी से अधिक यूरिया लेने वाले किसान और दुकानदारों के साथ समिति के सचिवों को नोटिस भेजा है। वहीं कृषि विभाग की ओर से खाद लेने वाले किसानों का नाम, गांव और मोबाइल नंबर तहसील प्रशासन को उपलब्ध कराया गया है।
खाद वितरण में धांधली करने वाले तीन दुकानों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। 30 से अधिक दुकानों को नोटिस दिया गया है, ताकि जिन किसानों को अधिक खाद किए हैं,उसका साक्ष्य दें, वहीं तहसील प्रशासन को खाद लेने वाले किसानों का नाम, मोबाइल नंबर और गांव उपलब्ध करा दिया गया है। किसान ने कितनी खाद ली है और उनके पास खेत कितना है। इसकी जांच हो सके। रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉ. मेनका सिंह, जिला कृषि अधिकारी, कुशीनगर
केस नंबर एक
जिले के मठिया बुजुर्ग के किसान लाल बिहारी ने जुलाई में 12 दुकानों से 30 बोरी यूरिया की खरीदारी की है।
केस नंबर दो
नारायनपुर निवासी किसान सेराज अहमद ने जिले के 13 दुकानों से 17 बोरी यूरिया की खरीदी थी।
केस नंबर तीन
जिले के समही बुजुर्ग के किसान अब्दुल क्यूम ने जुलाई में एक ही दुकान से 35 बोरी यूरिया खरीदी थी।
केस नंबर चार
जिले के माधोपुर बुजुर्ग किसान अरविंद कुशवाहा ने भी जुलाई में एक ही दुकान से 32 बोरी की खरीदारी की थी।
000000000
समितियों में खाद न होने पर प्राइवेट लाइसेंसी दुकानदार छह सौ रुपये में खाद बेच रहे हैं। दुकानदार उसी को खाद दे रहे हैं, जो अपरिचित और दुकान से दूर रहने वाले हैं, ताकि गोपनीयता बनी रहे।
- अनिल उपाध्याय, देऊरवा।
000000000
दस दिन पहले कप्तानगंज समिति पर यूरिया खाद आई थी, लेकिन खाद की उपलब्धता से अधिक किसानों की भीड़ थी। इसके चलते खाद नहीं मिल पाई खाद के अभाव में फसल बर्बाद हो रहा है।
- राजू सिंह, बौलिया।