पडरौना। उर्वरक बिक्री करने में अनियमितता बरतने वाले दुकानदारों के खिलाफ कृषि विभाग कार्रवाई के मूड में है। जांच के दौरान कई कमियां मिलने पर पूर्व में जारी नोटिस का संतोषजनक जबाब नहीं देने वाले तीन और अनियमितता मिलने पर पांच बिक्री केंद्रों का लाइसेंस विभाग की तरफ से निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा कनक पिपरा स्थित कृषक सेवा केंद्र पर कृषि रक्षा रसायन वितरण करने पर सील कर दिया गया।
कृषि विभाग की तरफ से किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिले में अभियान चलाया जा रह है। इस अभियान के तहत बृहस्पतिवार को उप कृषि निदेशक अतींद्र सिंह की तरफ से गठित विभाग की टीम ने पडरौना तहसील क्षेत्र के उर्वरक के थोक एवं फुटकर बिक्री केंद्रों की जांच की।
जिला कृषि अधिकारी की अगुवाई में गठित टीम ने कसया और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में उर्वरक की दुकानों की जांच की। टीम ने क्षेत्र के कुल सात बिक्री केंद्रों की जांच कर उर्वरक के तीन नमूने एकत्र किए। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं होने और दुकान पर उपलब्ध मूल्य सूची में उर्वरक की दर स्पष्ट नहीं होने समेत अन्य कमियां मिलने पर दो दुकानदारों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांग गया।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका ने बताया कि इस कार्रवाई के अलावा पूर्व में जारी नोटिस का संतोषजनक जबाब नहीं मिलने पर तीन बिक्री केंद्र और केंद्र पर अनियमितता मिलने को गंभीरता से लेते हुए पांच केंद्रों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि कृषक सेवा केंद्र, कनक पिपरा की जांच के दौरान बिना लाइसेंस के क़ृषि रक्षा रसायन वितरण करने को गंभीरता से लेते हुए इस बिक्री केंद्र को सील कर विधिक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है।