खडडा। शिवपुर जहां में तेंदुए के हमले में घायल बच्चे की स्थिति खतरे से बाहर है। हमले के बाद से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। रविवार को वनकर्मियों के साथ रेंजर अमृता चंद ने घर पहुंचकर बच्चे का हाल जाना। उन्होंने गांव के लोगों से जंगली जानवरों से सावधान रहने की अपील की। रात में अकेले न निकलने की बात कही। खड्डा वन क्षेत्र के गंडक नदी पार के बाढ़ प्रभावित गांव शिवपुर जहां में शनिवार को तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर घायल कर दिया था। परिजनों ने घायल को रोहुआ नाला पार करके किसी तरह बिहार के रास्ते तुर्कहां सीएचसी लाया। यहां पर बच्चे का इलाज हुआ।
इसके बाद छुट्टी दे दी गई। रात में विधायक विवेकानंद पांडेय ने सीएचसी पहुंचकर घायल बच्चे का हाल जाना तथा हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था। रविवार को खड्डा रेंजर अमृता चंद वन कर्मचारियों के साथ गांव में पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। गन्ने की फसल और पानी होने के चलते जानवर का कोई पदचिह्न नहीं मिला। रेंजर अमृता चंद ने बताया कि घटना स्थल का निरीक्षण किया गया है।
घायल बच्चे से मिलकर आवश्यक मदद की गई। कोई पदचिह्न नहीं मिलने से कौन जानवर था इसका पता नहीं चल सका है। इस क्षेत्र के नजदीक सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग व वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल हैं। यहां से वन्यजीव भटककर रिहायशी इलाके में चले आते हैं। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।