कसया/खड्डा। हेल्पडेस्क व्यवस्था के विरोध में सोमवार को तहसील मुख्यालय पर अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। कसया तहसील में अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय पर ताला लगाकर विरोध जताया। वहीं खड्डा तहसील में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रभारी उपनिबंधक को सौंप कर कार्रवाई की मांग की।
कसया तहसील स्थित निबंधन कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विनोद शंकर मिश्र ने कहा कि निबंधन विभाग का निजीकरण करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। पेपरलेस व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से तहसील परिसर में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर, फोटो स्टेट संचालक सहित कई लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही यह पूरी व्यवस्था कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में केंद्रित हो जाएगी। इसके बाद निबंधन कार्यालय में ताला लगाकर विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कसया तहसीलदार धर्मवीर सिंह को सौंपा।
इस दौरान अधिवक्ता संघ के महामंत्री राजेंद्र तिवारी, लालबचन श्रीवास्तव, तुषार कांत मणि, दीपक कुशवाहा, जुबेर अहमद, जितेंद्र साहनी, विकास, रामसागर सिंह, अब्दुल जफर, राज कुमार, संतोष, कपिलदेव, राकेश, रामबिलास, अजय आदि मौजूद रहे।
इसी तरह खड्डा तहसील परिसर में बार एसोसिएशन की तरफ से ऑनलाइन सुविधा केंद्र (हेल्पडेस्क) व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रभारी उपनिबंधक दयाराम को सौंपा। अधिवक्ताओं ने सरकार से हेल्पडेस्क व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमियमय मालवीय ने कहा कि जमीन क्रय विक्रय के लिए हेल्पडेस्क व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों के कार्य प्रभावित होंगे। क्रेता-विक्रेता को सीधे डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था से पारंपरिक रूप से जुड़े लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने चेताया कि यदि एक सप्ताह के भीतर इस संबंध में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस दौरान महामंत्री हीरालाल कुशवाहा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष नित्यानंद पांडेय, अजय चौहान, कल्पना गुप्ता, नत्थू शर्मा, ज्योतिर्मय मालवीय, विनोद कुमार उपाध्याय, गणेश तिवारी, अम्बरीश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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