तमकुहीराज। नवनिर्माण के लिए प्रस्तावित एनएच-727बी तमकुहीराज से बिहार के सीमावर्ती इलाकों को जोड़ते हुए बनारस जाने वाले मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य स्थानीय तहसील प्रशासन ने शुरू कर दिया है। हाटा में चीनी मिल के जमीन अधिग्रहण के लिए किसानों के साथ हुई झड़प के बाद तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के प्रभावित गांवों के किसानों ने असंतुष्टि जाहिर करते हुए अधिग्रहण का कार्य शुरू होते ही पांच बिंदुओं पर पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम तमकुहीराज के अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा को ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते यदि प्रशासन प्रभावित गांवों के किसानों को संतुष्ट नहीं कर पाता है तो इसका मुखर विरोध सेकिया जाएगा।
जारी अधिसूचना के मुताबिक, तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के नौ गांवों के 253 गाटों की 14.54 एकड़ भूमि को अधिग्रहित किया जाएगा। इस मार्ग के निर्माण के बाद तमकुहीराज-बिहार-बलिया-वाराणसी आने-जाने वाले लोगों के लिए सहूलियत होगी। इस एनएच के निर्माण के बाद बनारस की दूरी करीब 90 किलोमीटर कम हो जाएगी। तमकुहीराज को बनारस से जोड़ने वाले एनएच 727-बी तमकुहीराज मझौली मार्ग को देवरिया-गोरखपुर मार्ग 727-ए को जोड़ने के लिए 24.74 किलोमीटर नए एनएच निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहित करने की कवायद तमकुहीराज तहसील प्रशासन ने शुरू कर दिया है।
एसडीएम तमकुहीराज विकास चंद्र के नेतृत्व में तहसीलदार चंदन शर्मा व अन्य राजस्व टीम स्थलीय निरीक्षण, अभिलेखीय परीक्षण व सत्यापन का कार्य तेजी से कर रहा है और फार्म इकट्ठा कर मुआवजे की राशि किसानों के खाते में भेजी जा रही है। हाईवे 727बी तमकुहीराज मझौली मार्ग तमकुहीराज के शून्य किलोमीटर से शुरू हो हरिहरपुर-गाजीपुर-सरेया बुजुर्ग-रामकोला चट्टी-हरदिया-रकबा को जोड़ते हुए 7.8 किलोमीटर के बाद बिहार के सीमावर्ती जिला गोपालगंज में प्रवेश कर जाएगी। उसके बाद देवरिया, बलिया व अन्य जिले को बनारस से जोड़ेगी।
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किसानों की मांगें
-सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाए।
-जो भूमि अधिग्रहित की जाने वाली है उसका अधिग्रहण काॅमर्शियल या आवासीय दर पर किया जाए।
-किस दर पर भूमि ली जा रही है, उसे बताया जाए।
-संयुक्त पैमाइश कराकर चिह्नित किया जाए कि किस किसान का कितना अंश अधिग्रहित किया जा रहा है।
-मकान जो तोड़े जाएंगे उनका मुआवजा निर्धारित किया जाए।