पड़रौना। जिले में हर घंटे बिजली कटने, ट्रिप होने से लोग परेशान हो रही है। सबसे अधिक परेशानी बच्चे, बीमार और बुजुर्गों को हो रही है, लेकिन जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। कसया में ट्रांसफाॅर्मर खराब होने के कारण करीब 10 दिनों से लोगों को सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है। 24 घंटे में सिर्फ सात घंटे ही आपूर्ति मिली। इसमें भी बिजली की आवाजाही का सिलसिला जारी रहा।
बिजली की समस्या को लेकर कहीं लोग उपकेंद्र पर शिकायत कर रहे हैं तो कहीं आक्रोशित होकर फीडर के सामने प्रर्दशन कर रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी बिजली आपूर्ति को बेहतर करने को लेकर गंभीर नहीं है। शहर में 25 वार्ड है। यहां हो रही लगातार कटौती से लोगों का दिन का चैन और रात की नींद उड़ गई है।
फीडर पर शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शहर के अलावा पडरौना फीडर से 200 गांव में बिजली आपूर्ति होती है। सभी जगहों पर उपभोक्ताओं को परेशान हैं।
शहर के मनोज ने बताया कि रात में जैसे ही बिजली कटती है कि नींद उड़ जाती है। शहर के मोहर, संतोष, सुरेश ने कहा कि शिकायत के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। अगर यही हाल रहा और इसमें सुधार नहीं हुआ तो लोग बीमार हो जाएंगे। इसके अलावा कसया, कुशीनगर, हाटा, कप्तानगंज में बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं।
एसई राकेश मोहन ने बताया कि कसया में जला ट्रांसफाॅर्मर ट्रायल में है। इसके चलते अधिक लोड होने के कारण बिजली कटौती हो रही है। दो दिन के बाद सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति मिलने लगेगी। पटहेरवा प्रतिनिधि के अनुसार, बिजली उपकेंद्र पटहेरवा से पटहेरवा में बिजली आपूर्ति होती है। वहीं, पिपरा कनक फीडर से महुआवा, सिंदुरिया, पटहेरवा, रजवाटिया, अमरवा, नारायनपुर, बलुआ, अमवा, पिपरा कनक, करजहा सहित करीब 50 गांवों को बिजली सप्लाई हाेती है।
एक माह पूर्व ही इस उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि की गई और 10 से अधिक गांवों को उपकेंद्र से जोड़ा गया। लोगों को लगा कि क्षमता वृद्धि होने से आपूर्ति पहले से और बेहतर होगी, लेकिन क्षमता वृद्धि लोगों की परेशानी बढ़ गई। बिजली कटौती और लो वोल्टेज से लोग दिक्कत में है। क्षेत्र के विनोद सिंह, अलीउल्लाह खान, रियाज खान, संजय राव, नीरज कुशवाहा, संतोष श्रीवास्तव, सुजीत यादव आदि लोगों ने बिजली आपूर्ति ठीक कराने की मांग की है।
जेई संदीप मिश्रा ने बताया कि सप्लाई जैसे मिल रही है क्षेत्र को दी जा रही है। अतिरिक्त कटौती कहीं फाल्ट होने या किसी समस्या के चलते ही की जाती है।