पडरौना। बार-बार शिकायत कर जांच के नाम पर अधिकारियों को परेशान करने वाले शिकायतकर्ताओं पर नकेल कसने के लिए शासन ने कड़ा कदम उठाया है। यदि अधिकारियों की जांच में शिकायतकर्ता की शिकायत झूठी निकली तो संबंधित शिकायतकर्ता पर ही कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए निदेशक पंचायती राज उप्र शासन ने प्रदेश के सभी जिलों के डीएम को निर्देश पत्र भेजा है।
गांव में हुए विकास कार्यों में अनियमितता होने पर आरटीआई के तहत गांव के लोगों को शिकायत करने का अधिकार मिला है। इसके अलावा मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी लोग शिकायत करते हैं। यह व्यवस्था सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाने और अनियमितता को रोकने के लिए की गई है, लेकिन ग्राम प्रधान से किसी बात को लेकर नाराज गांव के लोग हलफनामा बनवाकर उच्चाधिकारियों से शिकायत कर देते हैं। यही नहीं यदि की गई शिकायत का मनपसंद निस्तारण नहीं होने पर वे दुबारा शिकायत कर देते हैं। डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि झूठी शिकायत करने वाले लोगों पर कार्रवाई के लिए शासन की तरफ से निर्देश मिले हैं। इसका अनुपालन कराया जाएगा। इसके बाद झूठी शिकायत करने वालों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। वहीं प्रधान की शिकायत बाहरी नहीं कर पाएगा।