पडरौना। पटहेरवा क्षेत्र के गगलवा चैनपट्टी गांव से गिरफ्तार कर जेल भेजे गए पाकिस्तान के नागरिक की जमानत याचिका बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिरुद्ध कुमार तिवारी की अदालत ने खारिज कर दी। भारत से पाकिस्तान जब अलग हुआ था तो इसके माता-पिता पाकिस्तान चले गए। पिता की मौत के बाद मां इसको लेकर कुशीनगर आ गई थी। पटहेरवा क्षेत्र के गगलवा चैनपट्टी गांव में पाकिस्तानी नागरिक सेराजुल हक को उसकी मां कुलसुम खातून बचपन में लेकर भारत आ गई थी। वह भारतीय वीजा वृद्धि (एलटीवी) पर निवास करता था। वीजा बढ़वाने के लिए उसने फर्जी आधार, पैन और वोटर आईडी कार्ड बनवाया था।
इस मामले में गोपनीय जांच एजेंसी की रिपोर्टर पर पटहेरवा पुलिस ने पाकिस्तानी नागरिक 75 वर्षीय सेराजुल हक और फर्जी आईडी बनवाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अपनी मां के साथ उसके पासपोर्ट संख्या 586949 दिनांक 16 जून वर्ष 1954 व वीजा संख्या बी 323040 दिनांक 11 अप्रैल वर्ष 1957 के आधार पर राधिका नगर चेक पोस्ट के रास्ते भारत में प्रवेश कर जनपद कुशीनगर आया था।
आरोपी की जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में प्रस्तुत की गई। सुनवाई के लिए अंतरित होकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक अनिरुद्ध कुमार तिवारी के न्यायालय में पहुंची। न्यायालय ने आरोप की अपराध की गंभीरता व संलिप्तता और साक्ष्यों को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।