पडरौना। राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर बगही कुटी के समीप हुए सड़क हादसे में कार सवार छह में चार कांवड़ियों की मृत्यु हो गई, लेकिन एयरबैग के सुरक्षा कवच से उनमें आगे बैठे चालक और एक सवार की जान बच गई।
घायल अवस्था में उनका इलाज चल रहा है। एयरबैग ने जिले में इस साल अबतक 20 से अधिक लोगों की जिंदगी को सुरक्षित किया है और ऐसा माना जा रहा है कि रविवार को हुए हादसे के समय अगर छह एयरबैग वाली अपडेट कार होती तो अन्य की भी जान बच सकती थी। सड़क परिवहन मंत्रालय ने 2023 में छह एयरबैग वाली नियम लागू किया था। कई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने छह एयरबैग वाली सुरक्षा से परिपूर्ण कार को लांच भी कर दिया है। आज भी कई पुरानी गाड़ियों में महज आगे की सीटों के लिए ही एयरबैग लगाए गए हैं। इस एयरबैग ने बीते दिनों हुए भीषण हादसे के बावजूद दो लोगों को सुरक्षा कवच में जरूर एक नया जीवन दे दिया।
जिले में हाईवे पर एक भीषण हादसे में कार के एक्टिव सुरक्षा उपकरण एयरबैग के कारण लोगों की जान बच रही है। इसमें एक बार तो तेज रफ्तार कार की टक्कर से गुरवलिया में पेड़ गिर गया, लेकिन एयरबैग के कारण सवार सुरक्षित बच गए। दरअसल, एयरबैग बड़ी टक्करों के दौरान खुल जाता है और वाहन में बैठे लोगों को वाहन के अंदर डैशबोर्ड, विंडशील्ड, स्टीयरिंग व्हील आदि जैसी कठोर सतहों से टकराने से बचाता है और दुर्घटना के दौरान होने वाली शारीरिक नुकसान को कम करने में भी मददगार है।
अब गाड़ियों में फ्रंट सीट के अलावा पीछे बैठे लोगों के लिए भी कंपनियां एयरबैग की सुविधा दे रही है, लेकिन अभी बहुत कम लोगों के पास ऐसी अपग्रेड गाड़ियां हैं।
मोटर व्हीकल कंपनियों के जिम्मेदारों की मानें तो एयरबैग सीट बेल्ट के साथ मिलकर सबसे अच्छा काम करते हैं। सीट बेल्ट यात्रियों को स्थिर रखने में मदद करती है, जिससे एयरबैग का प्रभाव और भी प्रभावी हो जाता है। इसके अलावा इनका कहना था कि कभी-कभी एयरबैग का नकारात्मक प्रभाव भी है।
ऐसे में बच्चों को हमेशा पीछे की सीट पर, सीट बेल्ट लगाकर बैठाना चाहिए। आगे की सीट पर एयरबैग के पास बच्चों को बैठाने से बचना चाहिए।