पकवा इनार (कुशीनगर)। बुद्ध पीजी कॉलेज परिसर में रविवार की देर रात विविध कार्यक्रमों के साथ कुशीनगर महोत्सव-2024 का समापन हुआ। इसमें सांसद मनोज तिवारी मृदुल व लोक गायक गोपाल राय के मधुर गीतों की स्वरलहरियां गूंजती रहीं।
सांसद मनोज तिवारी मृदुल ने आदिशक्ति महारानी, माई महिमा तोहार जानत तानी गीत से गुनगुनाना शुरू किया और मोदी जईसन जानी होइहे, राजा जईसन दानी होइहे हो, ई राजा अखिल भूमंडल राजधानी होइहे, बाप जस खानदानी होइहे हो.., मथुरा भी सजने लगी है, बंसी भी बजने लगी है..., राम के हैं हम राम के रहेंगे..., पंछी शिकारीयन पर विश्वास कर रहल बा, अपने से केहू आपन खुद नाश कर रहल बा.., आदि गीतों से समा बांध दिया। गोपाल राय ने भोजपुरी में फूहड़ता पर कुठाराघात करते हुए कहां बिया माई जे सुनावत रहे लोरी..., तोहरा भाभी के बोली, लगे करेजवा पर गोली..., राजा हो भाभी के अलगा करा के जा फोटो खिंचवा के जा.., काहें खिसियाइल बाड़ू जान लेबू का हो.. आदि गीत के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मनोज तिवारी और गोपाल राय के साथ पूर्व सांसद राजेश पांडेय ने भी तुमको जो हो पसंद वहीं बात कहेंगे... गीत गाए। भजन गायक मनोज मिहिर, राधा मिश्रा और करिश्मा पांडेय ने भी लोकगीत प्रस्तुत किए। वहीं स्थानीय कलाकार रवि पाठक, अभिषेक सिंह और धीरज राव ने भी संगीतमय प्रस्तुति दी।
मनोज तिवारी ने संबोधन में कहा कि कुशीनगर महोत्सव के कार्यक्रम में निरंतरता बनाए रखना एक बड़ी उपलब्धि सिद्ध करता है। विश्व को ज्ञान देने वाले बुद्ध कुशीनगर को क्यों चुना? यहां के विद्यार्थियों को शोध करना चाहिए। सांसद विजय दुबे ने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी जिलों में महोत्सव कार्यक्रम कर रही। निरंतर 11 वर्षों से कुशीनगर महोत्सव का आयोजन होना, आयोजक के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। पूर्व सांसद राजेश पांडेय ने महोत्सव के व्यापकता के लिए शुभकामनाएं दी। मनोज तिवारी मृदुल को भोजपुरी जीत का सर्वश्रेष्ठ गायक करार दिया। इसके पूर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष विनय राय, भंते महेंद्र, चेयरमैन नगरपालिका पडरौना विनय जायसवाल, चेयरमैन नगरपालिका कुशीनगर किरन जायसवाल व प्रतिनिधि राकेश जायसवाल ने अतिथियों को अंग वस्त्र भेंट कर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रभुनाथ राय दाढ़ी व राधेश्याम त्यागी ने किया। अंत में आयोजक विनय राय ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार जताया।
इस दौरान धीरेंद्र सिंह सीनू, शैलेंद्र दत्त शुक्ला, तनु पराशर, डॉ. संजीव सिंह, मजीबुल्लाह राही, आलोक राय आदि मौजूद रहे।