पडरौना। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीानगर सहित जिले के नारायणी नदी के किनारे पनियहवा और कसया क्षेत्र के कुलकुला देवी मंदिर के अलावा रामकोला के विश्व दर्शन मंदिर सहित धर्म समधा देवी मंदिर पर नए साल का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ होगी। इसको लेकर प्रशासन के अलावा स्थानीय लोगों व दुकानदारों ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली है।
इसमें कुशीनगर के होटल व्यवसाय से जुड़े लोग सैलानियों को छूट के साथ उन्हें मनपसंद लजीज व्यंजन देने की व्यवस्था कर रखी है। ठहरने वाले मेहमानों को भी रूम रेंट में सहूलियत देंगे। उन्हें उम्मीद है कि इस साल पहले से अधिक लोगों की आवक रहेगी। 2025 अलविदा और 2026 के आगाज की खुशी मनाने के लिए लोगों में उत्साह का माहौल है। जिले में बुद्ध की निर्वाण स्थली कुशीनगर में बौद्धकालीन हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट से भव्य प्रवेश द्वार तक दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है।
बुद्धा घाट और हिरण्यवती नदी का किनारा झालरों की झिलमिल प्रकाश में आलोकित होकर नए वर्ष के स्वागत के लिए तैयार है। शाम होते ही घाट सतरंगी झालरों की प्रकाश से अपनी छटा बिखेर रहा है, जो सैलानियों को अभी से आकर्षित कर रहा है। इसके अलावा चिल्ड्रेन पार्क, बुद्धा पार्क, जीवक उपवन व आनंद उपवन व धरोहर स्थल रामाभार स्तूप पूरी तरह से स्वागत के लिए तैयार। इसके अलावा बुद्ध की 6.1 मीटर लंबी प्रतिमा, मंदिर व पूरे परिसर को हर तरह से लैस कर दिया गया है।
यही तैयारी वर्मी मंदिर, मांथा कुंवर मंदिर सहित सभी पर्यटक स्थलों पर किया गया है। होटल इकाइयों के प्रबंधक पंकज कुमार, नवीन मिश्र, राजेंद्र मोहन गुप्ता व स्वामी ओमप्रकाश जायसवाल ने बताया कि नव वर्ष के जश्न व आगाज को लेकर तैयारियां कर ली गई है। सैलानियों का उनके मनपंसद के खाने व लजीज व्यंजनों को परोसने के लिए मुक्कमल इंतजाम किए गए हैं। खान-पान में छूट भी दी जाएगी। हालांकि इकाइयों में कमरों की बुकिंग को लेकर भी छूट दी जा रही है।
इसके अलावा जिले के नारायणी नदी का तट पर पनियहवा जो सैलानियों के लिए पिकनिक स्पाॅट बना हुआ है। यहां की चेपुआ मछली और उसके साथ भूजा के स्वाद को चखने के लिए लिए दूर-दूर से लोगों की आवक होती है। इसके अलावा इस रास्ते से बिहार के मदनपुर जंगल देवी मंदिर व पश्चिमी चंपारण व नेपाल तक से आने-जाने वालों के लिए लुत्फ उठाने का बेहतर ठिकाना बना हुआ है। रामकोला का विश्व दर्शन मंदिर व धर्मसमधा देवी मंदिर भी नए साल के लिए सज गया है। हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ होती है। वहीं, कसया क्षेत्र की मां कुलकुला देवी मंदिर स्थल पर भी भीड़ होगी। यहां कुड़वादिलीपनगर के रास्ते लोगों की भीड़ जुटती है। यह स्थल काफी प्राकृतिक व मनोरम है।
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सैलानियों का नया ठिकाना बुद्ध विपश्यना उपवन
नए साल का जश्न सब लोग अपने-अपने तरीके से मनाते हैं। 2025 की विदाई और 2026 के स्वागत के लिए बुद्ध की निर्वाण स्थली में तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस साल एक नए डेस्टिनेशन का तोहफा मिला है। जिसमें बुद्ध मंदिर मार्ग स्थित नवनिर्मित बुद्ध विपश्यना उपवन है। इस बार इस नए ठिकाने पर आगंतुकों की भारी भीड़ होने वाली है। खास बात यह है कि यहां कोई टिकट नहीं है, यह पूरी तरह से नि:शुल्क होगा। इसमें बुद्ध सरोवर,हरियाली, पवेलियन, भव्य परिसर, फाउंटेन सब सैर-सपाटा के लिए केंद्र है।