मेडिकल कॉलेज में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक। संवाद
पडरौना। ठंड बढ़ते ही लोगों में जोड़ों के दर्द की समस्या तेजी से बढ़ने लगी है। बुजुर्गों के साथ-साथ अब मध्यम आयु वर्ग के लोग भी घुटने, कमर और कंधे के दर्द से परेशान होकर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाओं का सहारा ले रहे हैं, जिसे चिकित्सक सेहत के लिए खतरनाक बता रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में इन दिनों जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ओपीडी में रोजाना ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें चलने-फिरने, उठने-बैठने में परेशानी हो रही है। कई मरीज पहले से ही दर्द निवारक गोलियों का सेवन कर चुके होते हैं, जिससे उनकी समस्या और गंभीर हो जाती है।
मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग डॉ. अजहरूद्दीन शेख ने बताया कि ठंड के मौसम में मांसपेशियों में अकड़न बढ़ जाती है और ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, जिससे जोड़ों का दर्द उभरता है। ऐसे में खुद से दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है। कुछ दर्द निवारक दवाएं लंबे समय तक लेने से किडनी, लिवर और पेट पर बुरा असर डालती हैं। मंगलवार को 12 बजे तक ऐसे लक्षण के 150 मरीज पहुंचे थे।