पडरौना। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर शहर के बाजारों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। रक्षाबंधन के बाद बाजारों में जन्माष्टमी की खरीदारी को लेकर रौनक बढ़ने लगी है। कान्हा के वस्त्र, मोर पंख, मटकी, आसन, पगड़ी, लटकन और झूले श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। महिलाएं भी कान्हा के शृंगार और पूजा सामग्री की खरीदारी में काफी दिलचस्पी दिखा रही हैं। इस बार फैंसी पोशाक में मथुरा और वृंदावन के झूले पर कान्हा विराजेंगे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी चार सितंबर को है। बाजार में कान्हा की एक से बढ़कर एक फैंसी पोशाकें उपलब्ध हैं। साहबगंज कके दुकानदार राजेश अग्रवाल व विकास अग्रवाल ने बताया कि लड्डू गोपाल और राधा रानी की मूर्तियों की बिक्री सबसे अधिक हो रही है। इनमें पीतल धातु से बनी मूर्तियां श्रद्धालुओं को पसंद आ रही हैं। इस बार मथुरा और वृंदावन के झूलों के अलावा स्थानीय स्तर पर बनी सागौन की लकड़ी के झूले भी आकर्षण का केंद्र हैं। सबसे महंगा झूला सागौन की लकड़ी से तैयार किया गया है।
दुकानदारों ने बताया कि जन्माष्टमी या दैनिक पूजा के लिए लड्डू गोपाल को सागौन के झूले में विराजमान करना शुभ माना जाता है। तिलक चौक स्थित दुकानदार विजय शंकर गुप्ता ने बताया कि बाजार में विभिन्न डिजाइन के सुंदर वस्त्र, लटकन, झूले, बांसुरी और अन्य शृंगार सामग्री भी उपलब्ध है। कोलकाता के साथ ही वृंदावन और मथुरा से कान्हा के लिए विशेष डिजाइन की पोशाक और वस्त्र मंगाए गए हैं।
खास पीतल से निर्मित लड्डू गोपाल की मूर्ति मेरठ, वृंदावन, दिल्ली और मुरादाबाद से मंगाए गए हैं, जिन्हें श्रद्धालुओं को वजन के हिसाब से दिया जा रहा है। रंग-बिरंगी लाइटों से निर्मित कान्हा जी का फूल बंगला भी विशेष रूप से मंगाया गया है, जिसे श्रद्धालु काफी पसंद कर रहे हैं। वहीं, मंदिरों में भी कान्हा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। साफ-सफाई के साथ कारीगर आकर्षक लाइटों, फूलमालाओं और चमकीली लड़ियों से मंदिरों को सजाने में जुटे हैं। जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्म से संबंधित सुंदर झांकियां सजाई जाएंगी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।