पिपरा वर सिवान में बन रहा गुड़।संवाद
कुशीनगर/पकड़ियार बाजार। गन्ने का पेराई सीजन शुरू होने से पहले ही नेबुआ नौरंगिया, पडरौना के सिधुआ और सुकरौली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गुड़ तैयार किए जाने का मामला सामने आया है। पिपरा वर सिवान गांव के सरेह में स्थित क्रशर पर कथित तौर पर शीरा, चीनी, मैदा और रासायनिक पदार्थ मिलाकर गुड़ तैयार किया जा रहा है। आरोप है कि प्रतिदिन बीस क्विंटल से अधिक गुड़ देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर और महराजगंज के बाजारों के अलावा बिहार और नेपाल तक भेजा जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गुड़ बनाने में शीरा, चीनी और मैदे के साथ रंग देने के लिए रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया जाता है कि गन्ने का सीजन नहीं होने के कारण क्षेत्र के कई क्रशर मालिकों ने अपने क्रशर को किराये पर दे दिया है। सरेह में स्थित होने के कारण कथित मिलावट का यह कारोबार आसानी से संचालित होने की बात कही जा रही है। तैयार गुड़ को स्थानीय बाजार में खपाने के साथ ही दूसरे जिलों और प्रदेशों के बाजारों में भी भेजे जाने का दावा है। महराजगंज और कुशीनगर के अलावा इसकी आपूर्ति बिहार और नेपाल तक किए जाने की बात सामने आई है।
-
स्वास्थ्य को लेकर चिंता
-मेडिकल कॉलेज के डॉ. तुषार तिवारी ने बताया कि गुड़ में मिलाए जाने वाले किसी भी अनधिकृत या हानिकारक रसायन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इससे पेट दर्द, मिचली, उल्टी, दस्त और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इस्तेमाल किए गए रसायन की प्रकृति और मात्रा के आधार पर लंबे समय तक सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव की आशंका है।
-
विभागीय निगरानी पर सवाल
-प्रतिदिन 20 क्विंटल गुड़ तैयार कर बाजार में भेजने का दावा किया जा रहा है लेकिन जिम्मेदार खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगने की बात सामने आ रही है। गन्ने की उपलब्धता नहीं होने के बावजूद बड़े पैमाने पर गुड़ तैयार किए जाने का दावा अपने आप में जांच का विषय है। ऐसे में संबंधित विभाग की ओर से मौके पर जांच कर सच्चाई सामने लाने और यदि मिलावट की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है।