पडरौना। कसया शहर के हंसराज अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई सिपाही पत्नी की मौत व कप्तानगंज के सच्चिदानंद अस्पताल में इलाज के दौरान नवजात की मौत के मामले में चल रही मजिस्ट्रियल जांच पूरी हो गई है। जल्द ही जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। सिपाही की पत्नी की मौत के मामले की जांच हाटा के एसडीएम न्यायिक व कप्तानगंज में नवजात की मौत के मामले की जांच एसडीएम न्यायिक डाॅ. संतराज सिंह बघेल कर रहे थे। जांच में दोनों अस्पतालों में कमियां पाई गई हैं। कहीं पर महिला एंव प्रसूति रोग विशेषज्ञ की कमी तो कहीं पर बाल रोग विशेषज्ञ का अभाव सहित तमाम खामियां मिली हैं।
कसया शहर के गोपालगढ़ हाईवे किनारे स्थित हंसराज अस्पताल में पर्यटन थाने के सिपाही प्रमोद यादव ने अपनी 28 वर्षीय पत्नी अन्नू यादव को प्रसव पीड़ा होने पर बीते शनिवार को भर्ती कराया था। उसी दिन शाम करीब 4:30 बजे ऑपरेशन से एक बच्ची का जन्म हुआ था। पति का आरोप था कि ऑपरेशन के बाद जब इंजेक्शन और दवा दी गई तो उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और दूसरे अस्पताल रेफर करने का अनुरोध किया गया था लेकिन रेफर नहीं किया गया। वहीं रात में करीब 11:30 उसकी मौत हो गई थी। मामले में काफी हंगामा हुआ तो डीएम ने हाटा न्यायिक मजिस्ट्रेट को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
कप्तानगंज के सच्चिदानंद अस्पताल में अश्विनी मिश्रा ने अपनी पत्नी मीनाक्षी को प्रसव पीड़ा होने पर बीते 19 अगस्त 2026 की शाम करीब 8:30 बजे भर्ती कराया था। जहां 20 अगस्त को सामान्य प्रसव से मीनाक्षी ने एक बच्ची को जन्म दिया। नवजात को मामूली पीलिया की शिकायत होने की बात कहकर एनआईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया लेकिन सोमवार की सुबह बच्ची की मौत होने के बाद परिजनों को अचानक जानकारी दी गई। मामले में हंगामा हुआ तो जांच के लिए डीएम ने न्यायिक मजिस्ट्रेट डा. संतराज सिंह बघेल को जांच करने के लिए आदेश देकर रिपोर्ट तलब की। जिसमें अधिकारियों ने मजिस्ट्रियल जांच पूरी कर ली है।