पडरौना। मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में संचालित महिला अस्पताल में इलाज को आई गर्भवती महिला की मौत हो गई थी। इस मामले में लापरवाही की जांच के लिए प्राचार्य ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले कार्यवाहक सीएमएस समेत तीन डॉक्टरों का एक दिन का वेतन की कटौती किया गया है।
नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के बभनौली गांव के निवासी शिवकुमार की पत्नी राबड़ी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन इलाज के लिए शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग ले आए थे। डॉक्टरों ने चेकअप करके बताया कि उसके शरीर में खून की कमी है। खून का प्रबंध करें, लेकिन प्रबंध नहीं हो सका। प्रसव पीड़ा की वजह से धीरे-धीरे उसकी हालत बिगड़ती गई। रात में उसकी मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि राबड़ी देवी का लापरवाहीपूर्वक इलाज किए जाने के कारण महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर विरोध प्रदर्शन समाप्त कराया था। पोस्टमार्टम हाउस पहुंची राबड़ी की देवरानी अनुराधा और परिवार के अन्य सदस्यों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। रविवार को पुलिस ने मृतका के पति और परिवार के अन्य लोगों को रवींद्रनगर धूस थाने बुलाया, जहां परिजनों ने तहरीर दी। घटना की देर रात को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य बाहर से मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। हालांकि रात से ही वह परिजनों के संपर्क में थे। लापरवाही की शिकायत सामने आने पर प्राचार्य ने घटना के समय ड्यूटी पर तैनात रहे कार्यवाहक सीएमएस डॉ. ब्रजनंदन, पुरुष गायनी डॉ. प्रभात व महिला गायनी डॉ. स्वाति का उस दिन का वेतन बाधित कर दिया है। तीनों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। इस मामले में प्राचार्य ने लापरवाही के आरोपों की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की टीम गठित कर दी है। टीम में डॉ. कुणाल, डॉ.
- महिला अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत के मामले में लापरवाही के आरोप सामने आने पर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। दो दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. आरके शाही, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, कुशीनगर