कुशीनगर के एक होटल में आग से बचाव के लिए जानकरी देते सीएफाओ व अन्य।स्रोत-सोशल मीडिया
- फोटो : अमित कुमार कुलश्रेष्ठ
पडरौना। मुख्य अग्निशमन अधिकारी की अगुवाई में शुक्रवार को होटलों, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अभियान चलाकर कार्मिकों को आग से बचाव के उपकरण चलाने की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान अग्निशमन टीम ने होटलों में जाकर वहां स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम और अग्निशमन यंत्रों की जांच की। टीम ने होटल संचालकों, प्रबंधकों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को एकत्र कर विभिन्न प्रकार के अग्निशमन यंत्रों को संचालित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके बाद कर्मचारियों से फायर सिलिंडर चलवाए, ताकि आपातकाल में वे बिना किसी हिचकिचाहट के आग पर काबू पा सकें। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुपात्र शंखधर ने कहा कि सभी अग्निशमन यंत्रों की समय-समय पर रीफिलिंग सुनिश्चित कर उसकी एक्सपायरी डेट की नियमित जांच करें। इमरजेंसी एग्जिट (निकास द्वार) पर किसी भी प्रकार का सामान न रखें, ताकि भगदड़ जैसी स्थिति में लोग आसानी से बाहर निकल सकें।
होटल में लगे स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म सिस्टम को हमेशा वर्किंग कंडीशन में रखें। शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए समय-समय पर बिजली के तारों और लोड की जांच किसी कुशल इलेक्ट्रिशियन से कराए। उन्होंने कहा कि होटल के नए स्टाफ को भी अनिवार्य रूप से आग से बचाव और बचाव उपकरणों को चलाने की बुनियादी ट्रेनिंग दी जाए। उन्हाेंने कहा कि पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।