तमकुहीरोड। सेवरही गन्ना अनुसंधान संस्थान में बुधवार को गोरखपुर व गोंडा जिले से आए 100 किसानों को प्रशिक्षित किया गया। किसानों को गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने और उत्पादन लागत कम करने के बारे में जानकारी दी गई।
संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाषचंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वांचल में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। प्रदेश सरकार लगातार किसानों के हित में कार्य कर रही है। लेकिन पश्चिमी उत्तरप्रदेश की तुलना में यहां की उत्पादन क्षमता कम है। यदि किसान उन्नत विधि व समुचित प्रबंधन के साथ गन्ने की खेती करें, तो गन्ने की उपज में वृद्धि के साथ उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। संस्थान की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अर्चना सिराड़ी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की उपज बढ़ाना और खेती की लागत कम करना है। इसके लिए गन्ना किसान नवीन कृषि यंत्रों, उन्नतशील प्रजातियों व कीट प्रबंधन के साथ खेती करे तो लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. विनय मिश्र, डॉ. वाईपी भारती, डॉ. कमलकिशोर साहू, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ. कृष्णानंद, डॉ. केपी सिंह, अजय राय, संजय शुक्ल, श्रीकृष्ण शुक्ल आदि ने संबोधित कर किसानों को लाभकारी गन्ना उत्पादन के मंत्र दिए। इसके बाद सभी किसानों को गन्ना परिक्षेत्र का भ्रमण कराया गया और किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।