मरीजों के निवाले पर भी महंगाई की मार
संयुक्त जिला अस्पताल में मानक के अनुरूप नहीं मिल रहा भोजन
दो वक्त का नाश्ता और भोजन देने की है व्यवस्था
पडरौना। कोरोना महामारी के बाद बढ़ी महंगाई का असर संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के निवाले पर भी दिख रहा है। नाश्ता तो दूर, भोजन भी मानक के अनुरूप नहीं मिल रहा है। भर्ती मरीजों ने आरोप है कि उन्हें नाश्ता नहीं मिलता। भोजन भी ढंग का नहीं मिलता। क्योंकि खाद्य वस्तुओं के दाम में वृद्धि के कारण शासन की गाइडलाइन के अनुसार भोजन नहीं बन रहा है।
संयुक्त जिला अस्पताल में ठेकेदार को एक मरीज पर 90 रुपये प्रतिदिन भोजन पर खर्च करना है। भोजन और नाश्ते के लिए मेन्यू तय है, लेकिन पालन नहीं हो रहा है। मरीजों को बाहर से नाश्ता मंगाना पड़ता है। मरीजों और तीमारदारों को सीढ़ी से उतरकर रसोई कक्ष से भोजन लाना पड़ता है।
अस्पताल में औसतन प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आते हैं, लेकिन वार्ड में भर्ती मरीजों को ही भोजन देने की व्यवस्था है। अस्पताल की बेड की क्षमता 100 से बढ़कर 150 कर दी गई है। यहां 100 से अधिक मरीज प्रतिदिन भर्ती रहते हैं।
भर्ती मरीजों और अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्रत्येक भर्ती मरीज को दोनों वक्त चार रोटी, चावल, दाल, सब्जी देने का नियम है, लेकिन एक वक्त ही रोटी मिल पाती है। वह भी एक से दो रोटी ही दी जाती है। चावल की मात्रा अधिक रहती है। दाल कम पानी अधिक रहती है। सब्जी भी तरी वाली रहती है। मौसमी सब्जी नाम मात्र, जबकि आलू भरपूर परोसी जाती है। मरीज के साथ एक तीमारदार को भी जरूरत के मुताबिक भोजन दिया जाता है। सुबह दवा खाने के लिए तीमारदार को मरीज के लिए बाहर से नाश्ता लाना पड़ता है।
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पिछली बार 99 अब 90 रुपये मिलता है
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के एक दिन के भोजन पर पिछले टेंडर के दौरान तक 99 रुपये मिलते थे, लेकिन मौजूदा सेवा प्रदाता की तरफ से 90 रुपये में ही टेंडर लिया गया है। उसी के अनुरूप मरीजों को भोजन दिया जाता है। विभागीय ऑडिट के दौरान यह मामला सामने आ चुका है।
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नाश्ता की जानकारी तक नहीं
संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों व तीमारदारों को भोजन में क्या मिलना चाहिए व नाश्ता भी मिलता है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी जाती। महिला वार्ड में भर्ती मरीज के तीमारदार राजेश, सुनैना, रामहरि, अजय, नेबूलाल का कहना है कि अस्पताल में नाश्ता मिलता है, इसकी जानकारी नहीं है। भोजन भी सही नहीं मिलता।
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नाती तीन दिनों से भर्ती है। उसी के लिए भोजन लेने आया हूं। एक बच्चे को भी सही से भोजन नहीं दिया जा रहा है।
रजिंद्र यादव, फाजिलनगर
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सास भर्ती हैं। भोजन प्रतिदिन मिलता है। दाल पानी की तरह रहती है। पत्तल में ले जाने पर गिरने का डर रहता है।
मायावती, पिपरही
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मरीज के पास भोजन नहीं पहुंचाया जाता है। तीमारदार के नहीं रहने पर भोजन नहीं मिल पाता है। मेन्यू की जानकारी नहीं है। सब्जी सही नहीं रहती है। चावल गीला रहता है।
सुदामा, डुमरी
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बहू भर्ती है। अस्पताल प्रशासन को भोजन का मेन्यू वार्ड में चस्पा करवा देना चाहिए। नाश्ता तो किसी दिन मिलता ही नहीं।
दुलारी देवी, पकड़ियार
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जननी सुरक्षा योजना के तहत जिला अस्पताल में मानक के अनुसार भोजन देने की शिकायत मिल रही है। एक बार जांच करने टीम आई थी। उसने भी भोजन में गड़बड़ी पकड़ी थी। पिछले दिनों हुई ऑडिट के दौरान भी भोजन की गुणवत्ता पर असंतोष जताया गया था।
डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
संयुक्त जिला चिकित्सालय