कार्यक्रम को संबोधित करते राज्यपाल कलराज मिश्र।स्रोत-सोशल मीडिया
दुदही। भारतीय संस्कृति और सभ्यता का डंका आज पूरे विश्व में बज रहा है। लेकिन दुर्भाग्य है कि यहां के युवा पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण करते जा रहे हैं।
ये बातें हिमाचल प्रदेश व राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहीं। वे गौरी जगदशी स्थित एक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का उसके कृतित्व से नाम अमर हो जाता है। बिहार प्रांत के जमुहार विश्वविद्यालय के कुलपति गोपाल नारायण सिंह, उतर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, पूर्व प्रमुख भाजपा नेता विजय राय, माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग व अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ईश्वर शरण विश्वकर्मा आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन सौरभ कुमार ने किया।
इस दौरान हटा विधायक मोहन वर्मा, रामकोला विधायक विनय गौड, वशिष्ठ राय उर्फ गुड्डू, कृष्ण मुरारी तिवारी, त्रिभुवन जायसवाल, जटा जायसवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष, प्रेमचंद मिश्र, दिवाकर मणि, मदन मोहन पांडेय, अवधेश पांडेय, उमेश पांडेय, कृष्ण मुरारी तिवारी आदि मौजूद रहे।